जेपी का जिक्र हटाए जाने पर सुशील मोदी ने अपनी ही सरकार को घेरा, शिक्षा विभाग करेगा समीक्षा

JP University Controversy राष्‍ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू यादव और तेजस्‍वी के बाद अब सरकार में सहयोगी भाजपा के वरिष्‍ठ नेता और राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी ने भी इस पर सवाल उठाए हैं। उन्‍होंने कहा जेपी से संबंधित अध्याय हटाना अत्यन्त आपत्तिजनक है।

Shubh Narayan PathakSat, 04 Sep 2021 10:30 AM (IST)
भाजपा के वरिष्‍ठ नेता और राज्‍यसभा सदस्‍य सुशील कुमार मोदी। फाइल फोटो

पटना, राज्य ब्यूरो। Bihar Politics: जय प्रकाश विश्‍वविद्यालय, छपरा के पाठ्यक्रम में बदलाव के दौरान कथित तौर पर जेपी और कर्पूरी से जुड़ा अध्‍याय हटाए जाने पर राजनीति थमती नहीं दिख रही है। राष्‍ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू यादव और तेजस्‍वी के बाद अब सरकार में सहयोगी भाजपा के वरिष्‍ठ नेता और राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी ने भी इस पर सवाल उठाए हैं। उन्‍होंने कहा है कि जेपी विश्वविद्यालय छपरा के पीजी पाठ्यक्रम से राजा राममोहन राय और महर्षि दयानंद जैसे महान समाज-सुधारक, समाजवादी चिंतक डा. रामनोहर लोहिया और लोकनायक जयप्रकाश नारायण (जेपी) से संबंधित अध्याय हटाना अत्यन्त आपत्तिजनक है।

राज्‍य सरकार से की कार्रवाई की मांग

उन्होंने कहा है कि जिन लोगों ने भी उच्च शिक्षा के साथ ऐसी छेड़छाड़ की है, उन पर राज्य सरकार को तत्काल कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। सुशील मोदी ने कहा है कि कांग्रेस ऐसी पार्टी है, जिसके नेताओं ने मातृभूमि का बंटवारा कराया, हजारों वर्ग मील जमीन चीन के हाथों गंवाई और करदाताओं के पैसे से ऐसे सरकारी उपक्रम बनाए, जिनके लगातार घाटे में चलने से अर्थव्यवस्था खोखली हो गई। यही नहीं, जिस कांग्रेस के समर्थन से चली सरकार को ब्रिटेन के पास भारतीय रिजर्व बैंक का सोना गिरवी रखना पड़ा, उस पार्टी के राजकुमार किस मुंह से देश बेचने का झूठ फैला रहे हैं।

विवि के सिलेबस की पटना में समीक्षा होगी आज

इधर, जयप्रकाश विश्वविद्यालय सहित राज्‍य के सभी विश्वविद्यालय के कुलसचिव एवं पांच विषय के स्नातकोत्तर विभागाध्यक्षों को उच्च शिक्षा विभाग ने च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के तहत बने सिलेबस की समीक्षा के लिए विकास भवन पटना में बुलाया है। इस संबंध में उच्च शिक्षा निदेशक रेखा कुमारी ने जेपी विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा रवि प्रकाश बबलू को पत्र भेजा है। उच्च शिक्षा विभाग सिलेबस में यह देखेगा कि वहां के आंचलिक महापुरुष एवं राष्ट्रीय स्तर के नायकों को सिलेबस में पूर्व की तरह शामिल किया गया है या नहीं। इसको लेकर विश्वविद्यालय में तैयारी चल रही थी। च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के तहत विश्वविद्यालय को यह अधिकार है कि वह अपने सिलेबस में 10 प्रतिशत संशोधन खुद से कर सकता है।

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