top menutop menutop menu

Sushant Singh Rajput Case: CBI के केस दर्ज करने तक बिहार पुलिस जारी रखेगी सुशांत मामले की जांच

पटना, जेएनएन। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच सीबीआइ से कराने की सिफारिश केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद भी बिहार पुलिस फिलहाल जांच जारी रखेगी। पुलिस मुख्यालय के आला अधिकारियों का कहना है कि जब तक सीबीआइ पूरे प्रकरण में नए सिरे से केस दर्ज नहीं कर लेती तबतक एसआइटी (विशेष जांच दल) अपना काम करेगी। हालांकि पूरे प्ररकण से संबंधित दस्तावेज संग्रहित कर बिहार पुलिस ने सीबीआइ को सौंपने की तैयारी पूरी कर ली है।

उधर, इस मामले में महाराष्ट्र सरकार रिया चक्रवर्ती के खिलाफ पटना के राजीव नगर थाने में दर्ज मामले को ट्रांसफर करने की मांग कर रही है। उल्लेखनीय है कि सुशांत सिंह राजपूत ने मुंबई स्थित अपने फ्लैट में 14 जून को आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में 25 जुलाई को सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह ने पटना के राजीव नगर थाने में अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती सहित छह लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 

गौरतलब है कि पटना में दर्ज प्राथमिकी के बाद चार सदस्यीय जांच टीम 27 जुलाई को मुंबई पहुंची थी, जिसे जांच में वहां की पुलिस ने कोई सहयोग नहीं किया। राजीव नगर के थानाध्यक्ष निशांत कुमार सिंह नेतृत्व कर रहे और जांच टीम अभी मुंबई में ही है। उसके बाद दो अगस्त को पटना के सिटी एसपी विनय तिवारी मुंबई पहुंचे। हवाईअड्डा से बाहर निकलते ही बीमएसी ने उनके हाथ पर क्वारंटाइन किए जाने की मुहर लगा दी थी।

डीजीपी का दबाव आया काम

बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का महाराष्ट्र पुलिस पर बनाया गया दबाव आखिर काम आया। महाराष्ट्र पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि अब तक 59 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। यही नहीं, अन्य कार्रवाई की जानकारी भी महाराष्ट्र पुलिस की ओर से दी गई।

विनय तिवारी मामले में कोर्ट जाएगी पुलिस

उधर, डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बुधवार को पटना के एसपी विनय तिवारी को बीएमसी द्वारा क्वारंटाइन किए जाने के मामले में कोर्ट जाने की चेतावनी दी है। उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि आइपीएस अधिकारी विनय तिवारी को मुंबई में क्वारंटाइन किए जाने के खिलाफ बिहार पुलिस के आइजी ने बीएमसी के चीफ को पत्र लिखकर विरोध किया था। इसके साथ ही इस पत्र के जरिए आइपीएस अधिकारी को मुक्त करने की मांग भी की गई थी। लेकिन खबर आ रही है कि बीएमसी ने पटना आइजी के अनुरोध को नकार दिया है। डीजीपी काफी खफा है। उन्होंने साफ लहजे में कहा है कि बिहार पुलिस बीएमसी के निर्णय के खिलाफ कोर्ट जाएगी। डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा है कि हमें आशंका है कि बीएमसी हमारे एसपी के साथ कुछ भी कर सकता है। 

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.