बिहार में अपराधियों का बचना अब और मुश्किल, पटना में लगे सुपर कंप्‍यूटर से होंगे ढेर सारे फायदे

Super Computer in Patna साइबर सुरक्षा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बढ़ेगी बिहार की आत्मनिर्भरता पटना में स्थापित हुआ सुपर कंप्यूटर बिस्कोमान भवन के 14वें फ्लोर पर सी-डैक में स्थापित हुआ सुपर कंप्यूटर कृषि स्वास्थ्य व शिक्षा भी प्राथमिकता सूची में शामिल

Shubh Narayan PathakTue, 21 Sep 2021 06:48 AM (IST)
सुपर कंप्‍यूटर के जरिए बदलेगी व्‍यवस्‍था। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

पटना, जागरण संवाददाता। बिहार की राजधानी पटना में सुपर कंप्यूटर की स्थापना सी-डैक द्वारा बिस्कोमान भवन के 14वें फ्लोर पर की गई है। यह सी-डैक का देश का 12वां सेंटर होगा। साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा साइंस, साइबर फोरेंसिक, इंटरनेट आफ थिंग्स जैसे क्षेत्रों में यह पूरे देश, विशेषकर पूर्वोत्तर क्षेत्र में शोध एवं विकास का भागीदार बनेगा। वहीं बिहार में साइबर सिक्योरिटी व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ-साथ कृषि, स्वास्थ्य व शिक्षा को प्राथमिकता में रखकर कार्य किया जाएगा। राज्य की गंगा, कोसी आदि नदियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से जोड़कर सेटेलाइट के माध्यम से निगरानी की जाएगी। इसके बाद किसी भी क्षेत्र में बाढ़ की सूचना आठ से 10 घंटा पहले संबंधित क्षेत्र को भी दे दी जाएगी। सी-डैक के पटना केंद्र के निदेशक आदित्य कुमार सिन्हा ने बताया कि सुपर कंप्यूटर स्थापित हो चुका है। अगले एक-दो महीनों में इसका शुभारंभ होना तय है।

डेटा सुरक्षा का जिम्मा

केंद्र के निदेशक ने बताया कि अब राज्य सरकार के तमाम डाटा सेंटर व नेटवर्क की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी इसी सुपर कंप्यूटर के माध्यम से होगी। अब सरकार की किसी भी वेबसाइट या डाटा के साथ छेड़छाड़ होती है तो इसकी तुरंत सूचना यहां मिल सकेगी। यही नहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से क्राइम पर भी निगरानी होगी। इसके लिए आवश्यक कदम भी उठाए जा रहे हैं।

साइबर फोरेंसिक किट से सशक्त होगी पुलिस

अब एटीएम फ्राड, मोबाइल फ्राड आदि की लगातार हो रहीं घटनाओं को लेकर राज्य की पुलिस भी सशक्त होगी। इसके लिए साइबर फोरेंसिक किट मुहैया कराई जाएगी। इससे पुलिस किसी भी घटना को लेकर मोबाइल के माध्यम से घटना की तह तक जा सकती है।

एम्स, आइआइटी व एनआइटी से मिलकर रिसर्च में सहयोग

केंद्र के निदेशक ने बताया कि सुपर कंप्यूटर के माध्यम से स्वास्थ्य सहित तमाम अनुसंधान को लेकर सीडैक एम्स, आइआइटी व एनआइटी को तकनीकी रूप से सपोर्ट करेगा। उसके डाटा एनालिसिस, डाटा सुरक्षा में सहयोग देगा। एम्स पटना के साथ कैंसर डिटेक्शन व ड्रग डिस्कवरी को लेकर कार्य होगा। साथ ही आयुर्वेदिक दवाओं की भिन्न-भिन्न बीमारियों में उपयोगिता पर भी रिसर्च होगा।

खाद, पानी व कीटनाशक के उपयोग पर भी रिसर्च

राज्य में कृषि उत्पादन बढ़ाने व किसानों की आय मजबूत करने के लिए भी रिसर्च होगा। ड्रोन तकनीक से डी-डैक राज्य के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग रिसर्च कर उन क्षेत्रों में खाद, पानी व कीटनाशकों के उपयोग व मात्रा को लेकर भी सलाह जारी करेगा।

आइडिया, स्टार्टअप को मिलेगा सहयोग

राज्य के युवाओं को एंटरप्रेन्योरशिप, स्टार्टअप शुरू करने में भी सी-डैक तकनीकी रूप से सपोर्ट करेगा। इसके लिए यदि कोई यहां विशेष आइडिया के साथ आएगा तो उन्हें तकनीकी सपोर्ट के साथ-साथ मेंटरशिप भी प्रदान की जाएगी।

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