Special Interview: पशुपति पारस ने कहा- सीएम नीतीश हैं विकास पुरुष, भतीजे चिराग ने जनभावना का नहीं रखा ख्‍याल

बागियों के बूते लोजपा की कमान संभाले पशुपति कुमार पारस ने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में कहा कि चिराग की कार्यशैली में हम सब घुटन महसूस कर रहे थे। विधान सभा चुनाव में चंद लोग के प्रभाव में आकर चिराग ने गलत फैसला किया।

Sumita JaiswalTue, 15 Jun 2021 06:59 AM (IST)
पशुपति पारस,स्‍वर्गीय राम विलास पासवान और चिराग पासवान की तस्‍वीर ।

पटना, राज्य ब्यूरो। बागियों के बूते लोजपा की कमान संभाले पशुपति कुमार पारस ने सोमवार को दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में कहा कि चिराग की कार्यशैली से पार्टी के 99 फीसद नेता और कार्यकर्ता नाराज थे। हम सब घुटन महसूस कर रहे थे। मेरे बड़े भाई रामविलास पासवान ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में रहकर लोजपा को बुलंदियों पर पहुंचाया था और इसे जन-जन की पार्टी बनाया था। पूरे देश में संगठन खड़ा किया था, लेकिन चिराग ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। पार्टी विलुप्ति के कगार पर पहुंच गई। रामविलास पासवान के सिद्धांतों की बलि दी जा रही थी। इसी के चलते पांच सासंदों और अन्य नेताओं ने पार्टी को बचाने के लिए यह कदम उठाया।

नीतीश कुमार विकास पुरुष : पारस का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विकास पुरुष हैं। उनके नेतृत्व में बिहार तेजी से विकास कर रहा है। भविष्य में भी उनके नेतृत्व में ही बिहार विकास करता रहेगा। फिर भी चिराग ने जनभावना का बिना ख्याल रखे नीतीश कुमार पर अनाप-शनाप आरोप लगाए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं किसी दल में लोजपा का विलय नहीं होने दूंगा, बल्कि राजग के घटक के रूप में लोजपा पहले जैसा ही काम करेगी। पार्टी केंद्र सरकार और बिहार सरकार के विकास कार्यों में सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है कि लोजपा को मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल करते हैं कि नहीं। लोजपा राजग के साथ हैं। मोदी देश के लोकप्रिय नेता हैं और उनके नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है।

लोजपा से गए लोगों को वापस लाने का प्रयास होगा : पारस ने कहा कि अब मैं तमाम नेताओं व कार्यकर्ताओं को सम्मान देते हुए पार्टी को रामविलास पासवान के सिद्धांतों पर आगे बढ़ाने का काम करूंगा। पार्टी को जन-सेवा के लिए समॢपत करूंगा। जब तक मैं जिंदा हूं, लोजपा के माध्यम से जनता की सेवा करता रहूंगा। मैं चाहूंगा कि लोजपा से जुड़े जो भी लोग हैं और जो चिराग के कारण पार्टी छोड़ गए हैं, वे फिर से लोजपा से जुड़ें। ऐसे लोगों को पार्टी में वापस लाने का प्रयास करेंगे।

विधानसभा चुनाव में चिराग का फैसला गलत था : उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव में चिराग के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी के तमाम कार्यकर्ता और नेता राजग में बने रहना चाहते थे और साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लडऩा चाहते थे, लेकिन चंद लोग के प्रभाव में आकर चिराग ने गलत फैसला किया, जिसकी वजह से पार्टी को भारी नुकसान हुआ। बिहार में भाजपा, जदयू, लोजपा और राजद, चार ही राजनीतिक दल जाने जाते थे। चुनाव के प्रदर्शन के बाद पार्टी ने अपना रुतबा गंवा दिया।

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