पटना में पीड़‍ित महिलाओं के लिए जल्‍द शुरू होगा अल्‍पावास केंद्र, पांच दिनों तक ठहरने की रहेगी व्‍यवस्‍था

महिला हेल्प लाइन के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रमिला कुमारी के अनुसार शार्ट स्टे होम में एक पीड़ि‍त महिला पांच दिनों के लिए रह सकती है। अगर वो चाहे तो अपने साथ नाबालिग बच्चों को भी रख सकती हैं। वहीं बच्चियों को अपने साथ रखने में कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं है।

Shubh Narayan PathakMon, 18 Oct 2021 09:30 AM (IST)
पटना में महिलाओं के लिए बना शार्ट स्‍टे होम। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

पटना, जागरण संवाददाता। महिला विकास निगम (Mahila Vikas Nigam) द्वारा संचालित अल्पावास केंद्र (Short Stay Home) की शुरुआत इसी महीने के अंत तक होने वाली है। महिला हेल्पलाइन (Woman Help Line) के परिसर में बना यह शार्ट स्टे होम में किसी भी प्रकार से प्रताड़‍ित महिलाओं को पांच दिनों के लिए आश्रय दिया जा सकता है। साथ ही इस केंद्र में महिलाओं की सुविधा से लेकर उनकी सुरक्षा तक पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जल्द ही सभी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। अभी केंद्र में पांच बेड की सुविधा दी जा रही है, जिसमें किसी प्रकार की भी पीड़‍ित महिलाओं को रखने की सुविधा है। फिलहाल ऐसी महिलाओं को ठहराने के लिए पुलिस को काफी परेशान होना पड़ता है।

पांच दिनों तक पीड़‍ित महिला रह सकती है स्टे होम में  

महिला हेल्प लाइन के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रमिला कुमारी के अनुसार, शार्ट स्टे होम में एक पीड़ि‍त महिला पांच दिनों के लिए रह सकती है। अगर वो चाहे तो अपने साथ नाबालिग बच्चों को भी रख सकती हैं। वहीं, बच्चियों को अपने साथ रखने में कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं है।  

महीने के अंत तक पटना में शुरू हो जाएगा अल्पावास केंद्र महिला हेल्पलाइन के परिसर में बना है शार्ट स्टे होम प्रताड़‍ित महिलाओं को पांच दिनों के लिए दिया जाएगा आश्रय सुविधा से लेकर सुरक्षा तक पर दिया जाएगा विशेष ध्यान

नाइट गार्ड से लेकर कुक तक की होगी केंद्र में सुविधा

हेल्प लाइन के अधिकारियों के अनुसार केंद्र में अभी नाइट गार्ड, कुक और मल्टी वर्कर को नियुक्त किया गया है। उनके अनुसार सारी प्रक्रिया खत्म हो जाने बाद पीड़‍िताओं को रखने की सुविधा शुरू कर दी जाएगी।

पांच साल बाद शुरू हो रहा है अल्पावास केंद्र  

अधिकारियों के अनुसार सुविधा के कमी के अल्पावास केंद्र सही से चल नहीं पा रहा था। अब पांच साल बाद सभी सुविधाओं मुहैया कराई गई हैं। पीड़‍ित महिलाओं को रहने और अपनी सुरक्षा को लेकर कोई परेशानी नहीं होगी।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.