MTV पर बिहार के श्‍लोक ने बिखेरे जलवे, डेढ़ लाख प्रतिभागियों के बीच छा गए

पटना, राजेश ठाकुर। बिहार के लाल ने इस बार मुंबई में एमटीवी में जलवा बिखेर कर अपना परचम लहराया है। टाॅप फाइव में उन्‍होंने स्‍थान बनाकर बिहार के साथ ही अपना पैतृक जिला दरभंगा का नाम रोशन किया है। एमटीवी की ओर से आयोजित रैप शो में उन्‍होंने अपनी सफलता का झंडा गाड़ा है। हालांकि गाने में थोड़ी कमी रहने के कारण श्‍लोक टॉप नहीं कर सके। वहीं, टॉप फाइव में शामिल हाेने पर सोशल मीडिया पर बधाई देनेवालों का तांता लगा हुआ है।  

दरअसल, एमटीवी की ओर से रैंप शो 'हसल' का आयोजन किया गया था। इसमें देश भर से डेढ़ लाख से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया था। इसी कार्यक्रम में दरभंगा के श्‍लोक भी किस्‍मत आजमाने पहुंच गए। उन्‍होंने अपना शानदार परफॉर्मेंस दिया। उनके गीतों पर तालियों की गूंज से हॉल गूंज उठता था। लेकिन अव्‍वल नहीं आ सका। टॉप फाइव में श्‍लोक शामिल रहा। 

फेसबुक पर श्‍लाेक ने लिखा है- 'माटी के घर से "हसल" मंच तक सफर रहा काफी ये तगड़ा। गर्व है सबका शुक्रिया।' इसके पहले उन्‍होंने अपने फेसबुक पोस्‍ट में लिखा है-  'अंततः "हसल" का पहला अध्याय खत्म हुआ। यह ऐतिहासिक क्षण था, जिसका हिस्सा बन पाना ही मेरे लिए गर्व की बात है। "हसल" ने मुझे एक कलाकार के तौर पर पहचान दी।

उन्‍होंने आगे लिखा- -इतने बड़े मंच पर अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया, मैंने अपनी वो हर बात कही जो मैं चाहता था। मेरा खोया हुआ परिवार वापस दिलाया और एक नया परिवार भी यहां बना। इसने इतना कुछ दिया कि मैं "हसल" से जुड़े एक-एक व्यक्ति का ताउम्र शुक्रिया अदा करूं, फिर भी कम होगा। हां, हृदय में एक कसक रह गया कि जीत नहीं पाया, पर आप सब मेरी जीत हो। यही प्‍यार और सम्‍मान मैंने कमाया। मेरे साथ बने रहने और मुझमें इतना विश्वास दिखाने के लिए प्रेम एवं आभार।'  

बता दें कि श्‍लोक दरभंगा के खराजपुर स्थित विजयाटोला के रहनेवाले हैं। बेहद गरीब परिवार में जन्‍म लेने वाले श्‍लोक के पिता प्राइवेट कंपनी में सेल्‍समैन हैं। आर्थिक तंगी के कारण उन्‍होंने संगीत का प्रशिक्षण भी ठीक से नहीं लिया है। लेकिन उसने पढ़ाई-लिखाई के साथ रैप सांग भी बनाने लगा। उनके साथियों ने मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करने लगा। यू ट्यूब पर भी डाला गया। लाइक व पॉजिटिव कमेंट्स से वे प्रोजेक्ट होते चले गए। आज वो इस फील्‍ड में एक पहचान बन गए हैं।   

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