शिवानंद तिवारी ने RJD को दिया बड़ा झटका; राजनीति को किया बाय-बाय; कही यह बात

पटना, जेएनएन। राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष शिवानंद तिवारी ने बड़ा निर्णय लिया है। यह राजद के लिए बड़ा झटका हो सकता है। शिवानंद तिवारी ने पार्टी से संबंधित कार्यों से छुट्टी लेने की बात कही है। वे राजनीतिक कार्यों को लेकर अब खुद को थका महसूस कर रहे हैं। मंगलवार को शिवानंद तिवारी ने ये बातें प्रेस बयान जारी कर कही है। यह भी बताया जा रहा है कि उन्‍होंने पार्टी के राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष के पद से इस्‍तीफा दे दिया है। हालांकि, उन्‍होंने इस्‍तीफा देने की बात से इनकार किया है।इस मामले में राजद की ओर से अभी किसी प्रकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यह भी तय है कि विरोधी पार्टियों को चुटकी लेने का मौका मिल गया है।   

शिवानंद बोले- थकान महसूस कर रहा हूं

राजद के वरीय नेता शिवानंद तिवारी ने मंगलवार को जारी बयान में कहा है कि मैं अब थकान अनुभव कर रहा हूं। शरीर से ज़्यादा मन की थकान है। संस्मरण लिखना चाहता था, लेकिन वह भी नहीं कर पा रहा हूं। इसलिए जो कर रहा हूं, उससे छुट्टी पाना चाहता हूं। उन्‍होंने अपने बयान में आगे लिखा है कि संस्मरण लिखने का प्रयास करूंगा। लिख ही दूंगा, ऐसा भरोसा भी नहीं है, लेकिन प्रयास करूंगा। उन्होंने आगे बड़ा निर्णय लेने की घोषणा करते हुए कहा कि राजद की ओर से जिस भूमिका का निर्वहन अब तक मैं कर रहा था, उससे छुट्टी ले रहा हूं। 

दैनिक जागरण से की बात

उन्होंने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा- हम छट्टी पर जाना चाहते हैं। देश के कई बड़े और संपन्न राजनेता छट्टी लेकर विदेश की यात्रा करते हैं। मेरे पास उतना धन नहीं है। सो, देश में भ्रमण करूंगा। बहुत दिनों से संस्मरण लिखने की इच्छा है। कोशिश होगी कि यह इच्छा पूरी हो जाए।

बाबा के नाम से हैं फेमस 

बता दें कि अपनों के बीच बाबा के नाम से मशहूर शिवानंद तिवारी उन गिने-चुने राजनेताओं में से हैं, जिन्हें राजनीति विरासत में मिली है। वे समाजवादी नेता स्व. रामानंद तिवारी के पुत्र हैं। बताते हैं- 1952 से मैं राजनीति को देख रहा हूं। अब समय आ गया है कि अपने अनुभव को लिख दूं। समय-समय पर उनके आलेख प्रकाशित भी होते रहे हैं। 

बेबाकी ही पहचान 

शिवानंद तिवारी की पहचान बेबाकी है। राजद नेतृत्व की कार्यशैली पर ही उन्होंने कई बार सवाल उठाया। उन्होंने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को जनता के बीच जाने की सलाह दी। इसे नेतृत्व ने पसंद नहीं किया। लिहाजा, हाल के दिनों में राजद की गतिविधियों से अलग-थलग ही चल रहे थे। 

पिछले दिनों तेजस्‍वी को दी थी नसीहत

राजनीतिक गलियारे में हो रही चर्चा की मानें तो पिछले कई माह से शिवानंद तिवारी राजद में खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उनकी बातों पर कोई ध्‍यान नहीं दे रहा है। खासकर जब राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव जेल गए हैं, पार्टी में उनका रुतवा कम हो गया है। पिछले दिनों उन्‍होंने इसके संकेत भी दिए थे। साथ ही, नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव को कई मौकों पर नसीहतें भी दी थी।

बयान से उजागर हुई पीड़ा

बताया जाता है कि शिवांनद तिवारी खुद की उपेक्षा से काफी दुखी हैं। उन्होंने अपना दुख खुलकर प्रकट नहीं किया है। हालांकि, मंगलवार को जारी उनका बयान उनकी पीड़ा को उजागर कर रहा है। इधर, राजद की जिम्‍मेदारियों से शिवानंद तिवारी के छुट्टी लेने को लेकर पार्टी की ओर से कोई बयान नहीं आया है, लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि अब विरोधी पार्टियां चुटकी लेने में पीछे नहीं रहेंगी।  

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