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रघुवंश सिंह का केंद्र-राज्य सरकारों पर हमला, कहा- किसी ने गरीबों के बारे में नहीं सोचा; जदयू ने दिया जवाब

पटना, राज्य ब्यूरो। राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने केंद्र एवं राज्य सरकार को प्रत्येक मोर्चे पर विफल बताया और कहा कि किसी ने गरीबों की हालत पर विचार नहीं किया। लॉकडाउन में कामगारों की हालत दयनीय हो गई है। लाखों लोगों की नौकरी चली गई है। देश को लॉक करने के पहले प्रधानमंत्री को सोचना चाहिए था। वहीं, जदयू के मुख्‍य प्रवक्‍ता संजय सिंह ने रघुवंश सिंह पर पलटवार किया है। उन्‍होंने कहा कि रघुवंश बाबू सोकर उठे हैं, इसलिए सरकार के काम का उन्हें पता नहीं। 

कोरोना आसमानी है तो लॉकडाउन सुल्तानी

गुरुवार को वरीय राजद नेता रघुवंश सिंह पटना में अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कि देश आसमानी और सुल्तानी आपदा से एक साथ मुकाबला कर रहा है। कोरोना आसमानी है तो लॉकडाउन सुल्तानी। सुल्तानी आपदा से बचाने के लिए राजद ने संघर्ष की तैयारी कर रखा है। उन्‍होंने राज्य सरकार पर भी हमला बोला। कहा कि नीतीश कुमार ने प्रवासियों की कोई चिंता नहीं की है, बल्कि वोट का इंतजाम किया है। सरकार अगर मजदूरों को पहले बुला लेती तो संक्रमण इतना नहीं बढ़ता।

'सैकड़ों लोग चलते-चलते मर गए'

उन्होंने कहा कि सैकड़ों लोग पैदल चलते-चलते मर गए। जो तकलीफ सह कर लौटे, उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। जनता सब देख रही है। समय आने पर जनता करारा जवाब देगी। कहा कि केंद्र ने नोटबंदी लागू कर पहले ही देश की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है। अब गलत तरीके से लॉकडाउन लागू कर गरीबों को दूसरी चोट दी है। 

बोले जदयू के मुख्‍य प्रवक्‍ता संजय सिंह

प्रदेश जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने गुरुवार को कहा कि राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ढाई महीने तक सोते रहे। सोकर उठने के बाद उन्हें पता नहीं चल रहा कि इस दौरान सरकार ने प्रवासी कामगारों के लिए किस हद तक काम किया। उन्‍होंने कहा कि रघुवंश प्रसाद सिंह तो वैशाली के सांसद भी रह चुके हैैं। पर एक दिन भी उन्होंने किसी मजबूर, बेसहारा या फिर जरूरतमंद लोगों के लिए काम नहीं किया।0

राजद नेताओं की एक्टिविटी का हिसाब दें

संजय सिंह ने कहा कि उन्हें यह बताना चाहिए कि विगत ढाई महीनों में उन्होंने कितने लोगों की मदद की। कितने लोगों को भोजन दिया। वह तो यह मांग करते हैैं कि राजद के तमाम नेताओं की विगत ढाई महीने में क्या एक्टिविटी रही उसका उन्हें हिसाब देना चाहिए। उन्हें यह मालूम होना चाहिए कि आपदा-विपदा पर राजनीति करना नीतीश कुमार के स्वभाव में नहीं है। वहीं प्रवासी मजदूरों की मजबूरी पर राजद राजनीति कर रहा है। जनता यह भली-भांति समझती है कि बिहार में कौन काम कर रहा है और कौन सिर्फ अपना चेहरा चमका रहा है। 

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