सिवान में शहाबुद्दीन के घर महीने भर में दूसरी बार गए लालू के लाल तेज प्रताप यादव, दो घंटे तक बात

लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव ने एक महीने के अंदर दूसरी बार शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब से मुलाकात की है। तेज प्रताप यादव छपरा सिवान एवं गोपालगंज के अस्पतालों का निरीक्षण करने गए थे। इसी दौरान सिवान में वे ओसामा से मिलने गए।

Shubh Narayan PathakWed, 16 Jun 2021 04:28 PM (IST)
पिछली बार मई महीने में मिले थे तेज प्रताप यादव और ओसामा। फाइल फोटो

पटना/ सिवान, जागरण टीम। Bihar Politics: गंगा पार के कम से कम तीन जिलों में शहाबुद्दीन का नाम आज भी चलता है। उनके नाम के साथ एक बड़ा वोट बैंक जुड़ा हुआ है। यही वजह है कि राजद किसी हालत में उनके परिवार को अपनी पार्टी से खोना नहीं चाहता है। शहाबुद्दीन के परिवार की राजद से नाराजगी की खबरों के बीच कई दलों के नेता उनसे लगातार मिलने पहुंच रहे हैं। इस बीच लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव करीब एक महीने के अंदर उनसे दो बार मिल चुके हैं। तेज प्रताप 15 जून यानी मंगलवार को सिवान में दिवंगत राजद नेता के बेटे ओसामा शहाब से मिले। दोनों के बीच करीब दो घंटे तक की लंबी बातचीत हुई।इससे पहले 13 मई गुरुवार को भी वे ओसामा के गए थे।

बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव मंगलवार की शाम दिवंगत पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन के पुत्र ओसामा से मिलने उनके आवास पर दूसरी बार पहुंचे। करीब दो घंटे तक दोनों लोगों में बातचीत हुई। हालांकि इसको लेकर दोनों कोई बयान नहीं दिया। इस दौरान उनके साथ पूर्व मंत्री सह सदर विधायक अवध बिहारी चौधरी, बड़हरिया विधायक बच्चा पांडेय समेत राजद नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे। बता दें कि एक मई को मो. शहाबुद्दीन का निधन दिल्ली में हो गया था। इसके बाद मो. शहाबुद्दीन के परिवार और राजद से संबंधों को लेकर कई तरह की अटकलें लगनी शुरू हो गई थीं।

कोमा में बिहार की स्वास्थ्य सेवा, परेशान हैं लोग : तेजप्रताप

तेज प्रताप यादव मंगलवार को छपरा, सिवान एवं गोपालगंज के कई अस्पतालों का निरीक्षण करने मंगलवार को पहुंचे थे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। अनुमंडलीय अस्पतालों में तेजप्रताप ने महिला ओपीडी व बच्चा वार्ड भी देखा। ममता दीदियों ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए बताया कि उनकी लंबित राशि का भुगतान नहीं हो रहा है। इस दौरान अस्पताल के सफाई कर्मियों ने भी अपनी सेवा को स्थायी किए जाने की मांग की। 

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव ने कहा कि बिहार के सभी सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं की घोर कमी है। स्वास्थ्य सेवाएं कोमा में हैं। अस्पतालों में मरीजों को उपलब्ध कराए जाने वाले जीवनरक्षक तकनीकी संसाधनों का घोर अभाव है। आलम यह है कि मंत्री या विधायक के निरीक्षण के दौरान आनन-फानन में मरीजों के बेड पर नया बेडशीट बिछा दिया जाता है और वापस लौटते ही अस्पताल फिर अपनी पुरानी स्थिति में आ जाता है।

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