बिहार: राहुल की 72 हजार वाली न्याय योजना पर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने

पटना [जेएनएन]। कांग्रेस के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने देश के 20 प्रतिशत गरीबों के खाते में हर साल 72 हजार रुपए देने का वादा किया है। इस घोषणा के बाद से ही बिहार में सियासत तेज है। घोषणा के दूसरे दिन भी सत्ता पक्ष व विपक्ष के नेताओं के बीच यह मुद्दा छाया हुआ है। बयानबाजी तेज है। बीजेपी नेताओं ने इसे चुनावी घोषणा बताया तो कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कि इससे भाजपा के झूठे वादा करनेवाले नेताओं को सदमा लगा है।  

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मुजफ्फरपुर में मीडिया से कहा कि इंदिरा गांधी ने भी दिया था गरीबी हटाओ का नारा, मगर यह नारा ही रहा। अब कुछ इसी तरह का नारा राहुल गांधी ने दिया है। उन्होंने कहा कि गरीबों को न्यूनतम गारंटी आय के रूप में 72 हजार रुपये सालाना दिए जाने की घोषणा महज चुनावी है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने गरीबी हटाओ का नारा दिया था। इसके बाद से दो तिहाई समय तक कांग्रेस की सरकार रही, मगर गरीबी नहीं हटी। 

उधर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने राहुल को झूठ का सरदार बताया। पांडेय ने कहा कि गरीबों की हकमारी कर सत्ता के सहारे अकूत संपत्ति बनाने वालों के मुंह से गरीबी हटाने की बात न सिर्फ हास्यास्पद है, बल्कि समझ से परे है। कल तक राहुल गांधी मोदी को हटाने की बात कर रहे थे, लेकिन सत्ता को व्याकुल कांग्रेस अध्यक्ष अब गरीबी हटाने की बात करने लगे हैं। अगर इनकी सरकार बन गई, तो वह दिन दूर नहीं होगा जब यह देश से गरीबों को ही हटाने की बात करेंगे। चुनावी मौसम में राहुल गरीबों को एक बार फिर झांसा देने का काम कर रहे हैं। कांग्रेस ने न सिर्फ गरीबों का शोषण किया, बल्कि उनकी हकमारी भी की। अब जब दूर-दूर तक कांग्रेस की वापसी की संभावना नहीं है, तो युवराज को अचानक गरीब याद आने लगे हैं। 

वहीं कांग्रेस के बिहार अध्यक्ष मदन मोहन झा ने कहा कि राहुल गांधी की घोषणा झूठे वादे करने वालों के लिए सदमा है। उन्होंने कहा यह ऐतिहासिक घोषणा है और गरीबी के खिलाफ कांग्रेस की आखिरी लड़ाई है। डॉ. झा और पार्टी की चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह मंगलवार को सदाकत आश्रम में मीडिया से बात कर रहे थे। दोनों नेताओं ने कहा कि न्यूनतम आय गारंटी योजना के अंतर्गत किसी भी जाति, धर्म वर्ग के गरीब हो उनके बैंक खाते में हर महीने छह हजार रुपये जाएगा। यह राशि घर की महिला के बैंक एकाउंट में जाएगी। कांग्रेस का फैसला है कि प्रत्येक गरीब परिवार को वर्ष में 72 हजार रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा यह एक ऐतिहासिक घोषणा है और कांग्रेस की गरीबी के खिलाफ अंतिम लड़ाई है। 

दोनों नेताओं ने कहा कि न्याय योजना एक अनूठी योजना है और देश के जाने माने अर्थ शास्त्रियों ने इसे मिलकर बनाया है। योजना के प्रभावी होने से जहां गरीब परिवारों में खुशहाली आएगी, वहीं महिला सशक्तिकरण को नया आयाम भी मिलेगा। इधर कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह ने भी न्याय योजना का स्वागत किया है और कहा है कि राहुल गांधी की घोषणा से देश की तस्वीर में बदलाव आएगा। 

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