पाकिस्‍तानी हमले के समय दोस्‍त के साथ पार्टी कर रहे थे राहुल गांधी, भाजपा नेता ने साधा निशाना

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव रंजन ने कांग्रेस के पूर्व राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा है। कहा है कि कांग्रेस (Congress) के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा और निर्दोष देशवासियों की जान का कभी कोई मोल नहीं रहा।

Vyas ChandraPublish:Sat, 27 Nov 2021 11:31 AM (IST) Updated:Sat, 27 Nov 2021 11:32 AM (IST)
पाकिस्‍तानी हमले के समय दोस्‍त के साथ पार्टी कर रहे थे राहुल गांधी, भाजपा नेता ने साधा निशाना
पाकिस्‍तानी हमले के समय दोस्‍त के साथ पार्टी कर रहे थे राहुल गांधी, भाजपा नेता ने साधा निशाना

पटना, राज्य ब्यूरो। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव रंजन ने कांग्रेस के पूर्व राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा है। साथ ही उन्‍होंने कांग्रेस पर भी जमकर तंंज बसा है। शुक्रवार को जारी बयान में राजीव रंजन ने कहा कि कांग्रेस (Congress) के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा और निर्दोष देशवासियों की जान का कभी कोई मोल नहीं रहा। इन्हीं के नाकारेपन की वजह से 26 नवंबर 2008 (26/11 Mumbai Attack) को कायर पाकिस्तानी आतंकियों ने मुंबई में निरीह लोगों की लाशें बिछा दी थी। पर, दुर्भाग्यपूर्ण यह रहा कि हमले का प्रतिशोध लेने की बजाए कांग्रेस के नेताओं ने पाकिस्तान के डर से अपना मुंह सिलना उचित समझा। इनकी असंवेदनशीलता इतनी अधिक थी कि जिस समय आतंकी गोलियां बरसा रहे थे, उस समय कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी (Rahul Gandhi) दिल्ली में अपने एक दोस्त के फार्म हाउस पर पार्टी कर रहे थे।

संविधान दिवस का बहिष्कार कर कांग्रेस ने किया आंबेडकर का अपमान : सुशील मोदी

राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी (RS Member Sushil Kumar Modi) ने कहा है कि कांग्रेस ने आजादी के बाद जिस संविधान के आधार पर 50 साल से ज्यादा राज किया, उस महान दस्तावेज और इसकी रचना में बड़ी भूमिका निभाने वाले डा. भीम राव आंबेडकर (Dr B R Ambedkar) का उसने कभी सम्मान नहीं किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आंबेडकर के सम्मान में पंचतीर्थ बनाए और उनकी 125वीं जयंती पर 2015 में हर वर्ष संविधान दिवस मनाने की घोषणा की। लेकिन कांग्रेस ने संविधान दिवस का बहिष्कार कर अंबेडकर, संविधान और लोकतंत्र का अपमान किया। उन्होंने कहा कि विश्व के सबसे बड़े लिखित संविधान की रचना में बिहार का उल्लेखनीय योगदान रहा। प्रसिद्ध विधिवेत्ता डा. सच्चिदानंद सिन्हा संविधान सभा के पहले अन्तरिम अध्यक्ष थे। डा. राजेन्द्र प्रसाद सभा के अध्यक्ष हुए। डा. आंबेडकर को संविधान की प्रारूप समिति का अध्यक्ष बनाने में बिहार के दोनों महापुरुषों की भूमिका थी।