बिहारः गोपालगंज शराबकांड में नौ दोषियों को फांसी; चार महिलाओं को आजीवन कारावास; 19 की गई थी जान

गोपालगंज में चर्चित रहे खजुरबानी शराबकांड में एजीजे-2 की अदालत ने शुक्रवार को सजा का ऐलान कर दिया गया।

Gopalganj Hooch Tragedy बिहार के गोपालगंज में चर्चित रहे खजुरबानी शराब कांड में अदालत ने शुक्रवार को सजा का ऐलान कर दिया गया। 13 में से नौ दोषियों को फांसी की सजा दी गई। जबकि चार दोषी महिलाओं को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

Akshay PandeyFri, 05 Mar 2021 03:21 PM (IST)

गोपालगंज, जागरण संवाददाता। Gopalganj Hooch Tragedy गोपालगंज के नगर थाना क्षेत्र स्थित खजुरबानी वार्ड संख्या 25 में जहरीली शराब की बरामदगी के मामले में अदालत ने शुक्रवार को नौ अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। यहां 2016 में जहरीली शराब से 19 लोगों की मौत हो गई थी, तथा छह लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी। पुलिस ने घटना के बाद छापेमारी में भारी मात्रा में शराब बरामद की थी। द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायाधीश (उत्पाद) लवकुश कुमार की अदालत ने इसी मामले में नौ अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाई। शराब पीने से 19 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में 14 आरोपित थे। इनमें एक की ट्रायल के दौरान मौत हो गई। शेष 13 आरोपितों में नौ पुरुष और चार महिलाएं शामिल थीं, जिनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। इनके विरुद्ध दोष सिद्ध होने के बाद अदालत ने सजा सुनाई। इनमें नौ पुरुषों को फांसी और चार महिलाओं को आजीवन कारावास की सजा दी गई है।

घटनाक्रम, एक नजर

16 अगस्त, 2016 को जिला मुख्यालय गोपालगंज स्थित खजुरबानी मोहल्ले में जहरीली शराब पीने से 19 लोगों की मौत हो गई थी। छह लोगों की आंखों की रोशनी चली गई। इस घटना की जानकारी मिलते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने 16 अगस्त की रात खजुरबानी मोहल्ले में छापेमारी की। इस दौरान भारी मात्रा में शराब बरामद की गई। घंटों चली छापेमारी में अवैध शराब के धंधेबाजों के घरों से लेकर आसपास के इलाके से शराब बरामद की गई। नगर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष बीपी आलोक के बयान पर नगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें अवैध शराब के कारोबार में संलिप्तता पाते हुए खजुरबानी वार्ड नंबर 25 निवासी छठू पासी, कन्हैया पासी, लालझरी देवी, कैलाशो देवी, नगीना पासी, लालबाबू पासी, राजेश पासी, सनोज पासी, रीता देवी, संजय चौधरी, रंजय चौधरी, मुन्ना चौधरी, इंदु देवी और ग्रहण पासी को नामजद अभियुक्त बनाया गया।

इस आपराधिक मामले में पुलिस की ओर से आरोप पत्र दाखिल होने के बाद सुनवाई प्रारंभ की गई। ट्रायल के दौरान ही एक अभियुक्त ग्रहण पासी की मौत हो गई। शेष 13 के विरुद्ध सुनवाई चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्य के आलोक में विशेष न्यायालय (उत्पाद) ने ट्रायल का सामना कर शेष सभी 13 अभियुक्तों को दोषी पाते हुए सजा दी। फैसला सुनाते हुए द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायाधीश (उत्पाद) लवकुश कुमार की अदालत ने  खजुरबानी वार्ड नंबर 25 निवासी छठू पासी, कन्हैया पासी, नगीना पासी, लालबाबू पासी, राजेश पासी, सनोज पासी, संजय चौधरी, रंजय चौधरी और मुन्ना चौधरी को फांसी की सजा सुनाई। इसी मामले में लालझरी देवी, कैलाशो देवी, रीता देवी तथा इंदु देवी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

शराब में पाई गई थी मिथाइल

खजुरबानी मोहल्ले से भारी मात्रा में शराब बरामद होने के बाद उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। जांच में यह पाया गया कि शराब में मिथाइल है। इसके बाद पुलिस ने इसी आधार पर अदालत में आरोप पत्र समर्पित किया था।

सात लोगों की हुई गवाही

विशेष लोक अभियोजक (उत्पाद) रविभूषण श्रीवास्तव ने बताया कि ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष से कुल सात गवाह प्रस्तुत किए गए। तमाम गवाहों के साक्ष्य के आधार पर अदालत ने नौ को फांसी और चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

19 की मौत के बाद जागा प्रशासन

15 अगस्त 2116 की रात खजुरबानी मोहल्ले में जहरीली शराब पीने के बाद अचानक लोगों की तबीयत खराब होने लगी। 16 अगस्त की सुबह तक इनमें कुछ की मौत हो गई। शाम होते-होते 19 लोगों की मौत हो चुकी थी। इस घटना में छह लोगों की आंखों की रोशनी चली गई। इस कांड के बाद प्रशासन चौकस हुआ और वरीय अधिकारियों की सक्रियता बढ़ने के बाद खजुरबानी मोहल्ले में छापेमारी की गई। इस छापेमारी में शराब बरामदगी के बाद इस बात की पुष्टि हो गई कि इसी मोहल्ले में शराब के सेवन से लोगों की मौत हुई। 19 लोगों की मौत के मामले में नगर थाना में सदर इंस्पेक्टर निगम कुमार वर्मा के बयान पर 14 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई। इसमें भी वही 14 लोग शामिल थे, जिनके विरुद्ध अवैध शराब के कारोबार में संलिप्तता का मुकदमा दर्ज किया गया था। 19 लोगों की मौत के मामले में विशेष न्यायालय में ट्रायल चल रहा था। इस संबंध में आरोपित पक्ष की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसके बाद ट्रायल पर रोक लगा दी गई। शराब बरामदगी और वही शराब पीने से लोगों की मौत के मामले में जो दूसरा मुकदमा दर्ज कराया गया था, उसका ट्रायल चल रहा था। सजा इसी मामले में सुनाई गई।

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