पटना में बेउर जेल के कैदियों ने कारा प्रशासन को छकाया, रविंद्र सिंह के सामने पस्‍त हुए कर्मचारी और अधिकारी

पटना के आदर्श केंद्रीय कारा बेउर में रविवार को अलग ही नजारा दिखा। यहां सजा काट रहे कैदियों ने जेल प्रशासन के अधिकारियों को खूब छकाया। पूरा जोर लगाने के बाद भी जेल अधिकारियों ने आखिरकार अपनी हार मान ली।

Shubh Narayan PathakPublish:Mon, 22 Nov 2021 09:49 AM (IST) Updated:Mon, 22 Nov 2021 09:49 AM (IST)
पटना में बेउर जेल के कैदियों ने कारा प्रशासन को छकाया, रविंद्र सिंह के सामने पस्‍त हुए कर्मचारी और अधिकारी
पटना में बेउर जेल के कैदियों ने कारा प्रशासन को छकाया, रविंद्र सिंह के सामने पस्‍त हुए कर्मचारी और अधिकारी

पटना, जागरण संवाददाता। पटना के आदर्श केंद्रीय कारा, बेउर में रविवार को अनोखा नजारा दिखा। कैदियों ने जेल प्रशासन के अधिकारियों को खूब छकाया। पूरा जोर लगाने के बाद भी जेल अधिकारियों ने आखिरकार अपनी हार मान ली। दरअसल, जेल प्रशासन की ओर से जेल कर्मियों और कैदियों के बीच क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है, जो 25 दिसंबर तक चलेगा। रविवार के मैच में कैदी रविंद्र सिंह को मैन आफ द मैच घोषित किया गया। कैदियों को अपराध की भावना से निकालने के लिए कारा प्रशासन की ओर से क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। पहले दिन उद्घाटन मैच में कैदियों ने जमकर अपना जौहर दिखाया और कारा प्रशासन की टीम को छह विकेट से हराकर टूर्नामेंट की शुरुआत की।

टूर्नामेंट का उद्घाटन कारा अध्यक्ष ई. जितेंद्र कुमार ने किया। उन्‍होंने बताया कि उद्घाटन मैच में कारा प्रशासन की टीम ने टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। महमदुल्ला के 27 रन की मदद से कारा प्रशासन की  टीम ने 16 ओवर के इस मैच में सात विकेट खोकर 96 रन बनाए। जबाव में बंदी एकादश की ओर से आठ ओवर में ही पांच विकेट खोकर 98 रन बना लिया गया। इस मैच में 29 रन बनाने एवं चार ओवर में तीन विकेट लेने वाले कैदी रविंद्र सिंह को मैन आफ मैच चुना गया।

बंदियों की ओर से दिलीप कुमार एवं नवाब ने सर्वाधिक 30-30  रन बनाकर प्रशासन की टीम को पांच विकेट से हरा दिया। नवाब ने एक ही ओवर के लगातार पांच गेंदों पर छक्का मारकर बंदी एकादश टीम को जीत दिला दी। काराधीक्षक ने कहा कि इस तरह के टूर्नामेंट के आयोजन से कैदियों में खेल भावना पनपता है। कोरोना के कारण काफी दिनों से एक ही चारदीवारी के कारण कैदी रहने को विवश थे। उनकी मुलाकाती बंद कर दी गई थी। इससे उनमें नकारात्मकता की भावना  प्रबल होने लगी थी। इस तरह के मैच होने से उनमें बेहतर करने की तमन्ना विकसित होती है। मैच का समापन 25 दिसंबर को होगा।