रूपेश हत्‍याकांड में पुलिस को अब मिले ठोस सुराग, पटना के बाइकर्स गैंग पर भी जा रहा शक

रूपेश की हत्‍या में पुलिस अब भी खाली हाथ। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

बाइकर्स गैंग के दो बदमाशों की तलाश में जुटी एसटीएफ बोरिंग रोड में छापेमारी जेल में पूछताछ व तकनीकी जांच के बाद जुडऩे बाइकर्स गैंग कनेक्शन शास्त्रीनगर एसकेपुरी कंकड़बाग और कदमकुआं में देर रात तक दबिश दस दिनों बाद एसआइटी को मिले ठोस साक्ष्य दावा जुडऩे लगी है कड़ी

Publish Date:Sun, 24 Jan 2021 07:42 AM (IST) Author: Shubh Narayan Pathak

पटना, जागरण संवाददाता। Rupesh Murder Case: पटना एयरपोर्ट पर तैनात इंडिगो के स्टेशन मैनेजर रूपेश की हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी एसआइटी को दस दिनों बाद ठोस साक्ष्य मिले हैं। हत्याकांड में बाइकर्स गैंग के दो बदमाशों का भी कनेक्शन जुड़ गया है। एक तरह एसआइटी तीन संदिग्ध से पूछताछ कर रही है तो दूसरी तरफ एसटीएफ की दो टीमें बाइकर्स गैंग के अपराधियों की तलाश में देर रात तक शास्त्रीनगर, एसकेपुरी के बोङ्क्षरग रोड, कंकड़बाग व कदमकुआं में दबिश देते रही। सूत्रों की मानें तो कांट्रेक्ट किलर के साथ बाइकर्स गैंग के दो अपराधियों का कनेक्शन भी इस वारदात से जुड़ने लगा है।

सूरत से लाए गए ठीकेदार और बिल्डर से पूछताछ

पटना के एक बिल्डर से पूछताछ के बाद सूरत से लाए गए एक ठीकेदार से भी एसआइटी पूछताछ कर रही है। दोनों के मोबाइल नंबर का सीडीआर और घटना के दिन यह लोग कब और कहां थे, इसका सत्यापन किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो तकनीकी जांच और कई लोगों से हुई पूछताछ में एसआइटी को ठोस साक्ष्य मिल चुके हैं, जिससे कड़ी जुडऩे लगी है। इस बीच एक लाइनर की भी पहचान हो चुकी है।

एसआइटी को अब मामले में कामयाबी की उम्‍मीद

एसआइटी के एक अधिकारी की मानें तो जांच अब सही दिशा में चल रही है। मामले में एसआइटी ने शनिवार को बाइकर्स गैंग के एक पुराने सदस्य और उसके दो करीबी को हिरासत में लेकर पूछताछ भी कर रही है। पूर्व में बेउर जेल में भी बाइकर्स गैंग के एक सदस्य से पूछताछ की जा चुकी है। एसआइटी और एसटीएफ को संदेह है कि जिस तरह रूपेश पर गोलियां बरसाई गई हैं, उससे लगता है कि कहीं न कहीं दुश्मनी गहरी थी और साजिश रचने वाला पटना में ही मौजूद था।  

रूपेश पर बरसाई गई थीं 15 गोलियां

रूपेश के शरीर से भले ही छह बुलेट मिले थे, लेकिन शूटर ने ताबड़तोड़ 15 राउंड फायरिंग की थी। सूत्रों की मानें तो कुछ खोखे कार के बाहर मिले थे, जबकि कई बुलेट कार की सीट में फंसे थे। एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि आमतौर पर शॉर्प शूटर पूरी मैग्जीन खाली नहीं करते। लेकिन, जिस तरह रूपेश को गोली मारी गई है, उससे साफ है कि उसके लिए मरते दम तक गोली मारने की सुपारी दी गई होगी। सुपारी की रकम भी अधिक होगी। फिलहाल जिस शूटर की पुलिस ने पहचान की है, उसका संपर्क झारखंड, सीतामढ़ी, गोपालगंज से लेकर यूपी के कई अपराधियों से रह चुका है। इसमें बाइकर्स गैंग के भी कुछ अपराधी है।

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