अगले सप्ताह से आइजीआइएमएस में कर सकेंगे प्लाज्मा दान

अगले सप्ताह से आइजीआइएमएस में कर सकेंगे प्लाज्मा दान

इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (आइजीआइएमएस) में अगले सप्ताह से कोरोना मरीजों को मिलेगी ये सुविधा

Publish Date:Wed, 05 Aug 2020 08:12 AM (IST) Author: Jagran

पटना। इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (आइजीआइएमएस) में अगले सप्ताह से कोरोना योद्धा प्लाज्मा दान कर सकेंगे। आइजीआइएमएस प्रशासन की ओर से प्लाज्मा डोनेशन को लेकर कवायद आरंभ कर दी गई है। आइजीआइएमएस माइक्रोबॉयोलॉजी के ब्लड बैंक में एफेरेसिस मशीन लगी है। इससे कोरोना योद्धा का प्लाज्मा दान लिया जाएगा।

वर्तमान समय में आइजीआइएमएस में केवल अस्पताल के डॉक्टर, नर्स एवं कर्मचारियों के लिए कोरोना आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। यहां से स्थिति ज्यादा खराब होने पर मरीजों को फुलवारीशरीफ स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भेजा जाता है। जहां जरूरत के अनुसार मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी के माध्यम से उपचार किया जाता है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि प्लाज्मा डोनेशन को लेकर प्रक्रिया की जा रही है। अगले सप्ताह से यह कोविड पीड़ितों के लिए यह सुविधा आइजीआइएमएस में भी आरंभ की जाएगी।

निगेटिव होने के 14 दिन बाद कर सकेंगे प्लाज्मा दान

कोविड-19 पीड़ित मरीज कोरोना निगेटिव होने के 14 दिनों के बाद प्लाज्मा दान कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त कोरोना के लक्षण खत्म होने के 28 दिन बाद भी प्लाज्मा दान कर सकते हैं। आइजीआइएमएस के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. शैलेश कुमार ने बताया कि 18 से 60 वर्ष तक के व्यक्ति प्लाज्मा दान दे सकते हैं।

कई प्रकार की जांच के बाद लिया जाता है प्लाज्मा

कोरोना निगेटिव व्यक्ति का प्लाज्मा लेने से पहले कोविड एंटी टाइटर, सीबीसी, वायरल मारकर जांच की जाती है। कोरोना से स्वस्थ हुए व्यक्ति निगेटिव रिपोर्ट आने के 14 दिनों के बाद प्लाज्मा दान कर सकते हैं।

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