घर में इलाज करा रहे लोगों को कैसे मिलेगा ऑक्‍सीजन सिलेंडर, पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार से पूछा

पटना हाईकोर्ट कर रहा कोरोना से जुड़े मामले की रोज सुनवाई। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

पटना हाईकोर्ट ने कहा- घरों में इलाजरत कोरोना मरीजों तक ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था के बारे में बताए सरकार हाईकोर्ट ने पूछा कि 18 प्लस के लोगों को कब से लगेगा कोरोना का टीका जब्‍त सिलेंडरों को थाने में रखने पर भी सवाल

Shubh Narayan PathakSat, 08 May 2021 09:10 AM (IST)

पटना, राज्य ब्यूरो। Bihar CoronaVirus News: कोरोना महामारी से निपटने में सरकारी इंतजाम की निगरानी कर रहे पटना हाईकोर्ट ने शुक्रवार की सुनवाई के दौरान सरकार से दो महत्वपूर्ण जानकारी मांगी। मुख्य न्यायाधीश संजय करोल एवं न्यायधीश शिवाजी पांडेय की खंडपीठ ने शिवानी कौशिक एवं अन्य की ओर से दायर लोकहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था एवं 18 से 44 वर्ष के लोगों को टीके लगाने की तारीख के बारे में जानकारी मांगी। अदालत ने मुख्य सचिव से दोनों जानकारी सोमवार तक मांगी और कहा कि सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति के अलावा घरों में रहकर इलाजरत मरीजों तक सिलेंडर पहुंचाने की क्या व्यवस्था है।

रोजाना तीन सौ मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत

सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव की तरफ से हलफनामा के जरिए कोर्ट को बताया गया कि सूबे में बड़ी तेजी से कोविड मरीजों में इजाफा हो रहा है। इसलिए केंद्र से मिलने वाले ऑक्सीजन कोटा को बढ़ाया जाए। राज्य को हर दिन कम से कम तीन सौ मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत है। इसपर खंडपीठ ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित कोटा का सौ फीसद रोजाना उठाव करने में सरकार सक्षम नहीं है। तीन सौ मीट्रिक टन तक ऑक्सीजन की आपूॢत लेने से पहले सुनिश्चित करें कि पर्याप्त संख्या में टैैंकर मौजूद है या नहीं। केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएन सिंह ने कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार राज्य को सात ऑक्सीजन टैंकर जल्द ही उपलब्ध करा रही है, जिनमें से दो टैंकर अगले 48 घंटे में पहुंच जाएंगे। सात टैंकर मिलने के बाद राज्य सरकार रोजाना तीन सौ मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उठाव कर सकेगी।

जब्त सिलेंडरों को अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था करे सरकार

सुनवाई के दौरान पटना एम्स के वकील विनय पांडे ने कोर्ट से गुहार लगाई कि कालाबाजारियों से जब्त हुए ऑक्सीजन सिलेंडरों को पुलिस से जल्दी छुड़ा कर संबंधित जिले के सिविल सर्जन या कोविड अस्पताल के हवाले करने के संदर्भ में एक स्पष्ट आदेश जारी किया जाए, क्योंकि पुलिस से जब्त सामान छुड़ाने के लिए निचली अदालतों में जाना अभी कारगर नही होगा। बढ़ते कोविड मरीजों की संख्या से राज्य में ऑक्सीजन की पल-पल जरूरत है। खंडपीठ ने इस मामले में राज्य सरकार को निर्देश दिया कि जब्त सिलेंडरों को पुलिस से फौरन छुड़ाने के लिए कोई कानूनी गाइडलाइन अगर सरकार के पास है तो उसे सोमवार तक कोर्ट में पेश करे। उसके बाद हाईकोर्ट जरूरी निर्देश जारी करेगा।

शुक्रवार की सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश के अनुरोध पर सभी आदेश को न्यायाधीश शिवाजी पांडेय ने खंडपीठ की तरफ से पारित किया। वह इस मामले को अपने कार्यकाल की अंतिम सुनवाई के रूप में सुन रहे थे। मामले पर अगली सुनवाई सोमवार को होगी।

 

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