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समुदाय की जरूरत पूरी करने वाले पौधों को लगाने से सफल होगा अभियान

पटना। पौधों का संरक्षण सिर्फ सरकार की हीं नहीं बल्कि आम अवाम की भी जिम्मेदारी है। प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए हर आदमी को अपने जीवन में कम से कम 10 पौधे लगाने की जरूरत है। अपनी जरूरत और जमीन की प्रकृति को देखते हुए पौधे लगाएं, तो यह अधिक कारगर होगा। पेड़ों से निकलने वाले बीज का संग्रह कर उसे गोबर और मिट्टी के साथ मिलाकर गोली बना लें। इन गोलियों को बेकार और खाली जमीन पर फेंकते चलें। इससे हरित आवरण को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

प्रकृति के साथ तन-मन से जुड़ने की जरूरत -

प्रकृति का संरक्षण करना है तो हम सभी को तन-मन से इस कार्य को पूरा करना होगा। सिर्फ दिवस पर दो-चार पेड़ लगाने से कुछ नहीं होगा। पौधारोपण के इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है। यह जागरूकता अभियान पूरे वर्ष चलाने की जरूरत है। हर इंसान को जीवन में कम से कम 10 पौधे लगाने चाहिए। पौधे को लगाने के साथ उसकी देखभाल करना भी जरूरी है। जिस प्रकार कोरोना संक्रमण के बारे में लोगों में जागरूकता आई है ठीक उसी प्रकार पौधारोपण के प्रति भी लोगों को जागरूक करना होगा। शुद्ध हवा, जल के लिए तो अपने बाग-बगीचे, ताल-तलैया के आसपास जितना हो सके अधिक से अधिक पौधे लगाएं। डेढ़ करोड़ की आबादी में हरेक व्यक्ति पांच पौधे भी लगाए तो बिहार प्रकृति संरक्षण का सबसे बड़ा उदाहरण हो सकता है।

डॉ. धर्मेद्र पटेल, पर्यावरण योद्धा

सीड बॉल के जरिए तैयार कर सकते हैं पौधे

पौधरोपण अभियान को बढ़ावा देने के लिए सीड बॉल तैयार करने की जरूरत है। किसी भी पेड़ के बीज को गोबर और मिट्टी के साथ गोली बनाकर उसे अच्छे से सुखा लें। यह सीड बॉल आप यात्रा के दौरान अपने थैले में रखें। यात्रा के दौरान रास्ते के दोनों तरफ इसे फेंकते चलें। बारिश का मौसम हो तो ऐसा करना अधिक कारगर है। ऐसी गोलियों पर एकाध बार पानी पड़ जाए तो नये पौधे तुरंत निकल आते हैं। इस विधि से नये जंगल तैयार हो सकते हैं। इससे पौधारोपण अभियान को सफल बनाया जा सकता है। नदियों को बचाने के लिए चारों ओर अधिक से अधिक पौधे लगाएं। स्कूलों में बच्चों को भी सीड बॉल तैयार करने की विधि बता कर उन्हें जागरूक करें। इस विधि से कम लागत में अच्छे पौधे तैयार हो सकते हैं। इस तरीके से देवदार, गुलमोहर, नीम, तुलसी, पीपल, बरगद आदि के पौधे तैयार करना उपयोगी है।

सुहावन राठौर, पर्यावरण प्रहरी

लोगों की जरूरत के हिसाब से लगें पौधे -

पौधारोपण अभियान को प्रभावशाली बनाना है तो कम्युनिटी के हिसाब से इलाके में पौधारोपण करें। सहजन, नीम, बरगद, आम, जामुन आदि पौधों से आम आदमी की जरूरतें पूरी होती हैं तो वे इनका ख्याल भी रखते हैं। कौन सा पौधा किस जगह पर जीवित रहेगा, यह जानने के लिए मृदा और कृषि विज्ञानियों को शामिल करना होगा। जो पौधे लगाए जा रहे हों, उनकी देखभाल भी पूर्ण रूप से करने की जरूरत है। हमेशा से यही हो रहा है कि सरकार और निजी संस्थाओं की ओर से पौधे तो लगाए जाते हैं लेकिन देखभाल नहीं होने के कारण पौधे असमय मर जाते हैं। ऐसे में इन चीजों को ध्यान रखने की जरूरत है। सिर्फ पर्यावरण दिवस पर नहीं बल्कि समय-समय पर बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते रहने के प्रयास होते रहने चाहिए।

प्रो. डॉ. बिहारी सिंह, पर्यावरणविद् व पूर्व प्राचार्य, एएन कॉलेज

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