संसदीय कार्य मंत्री ने कहा, न तो किसी दल और न ही किसी विधायक के सम्मान पर बट्टा लगने देंगे

संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी की तस्‍वीर ।

मंत्री मदन सहनी ने विधानसभा में भाकपा (माले) विधायक दल के नेता महबूब आलम पर जो टिप्पणी की थी उसका असर गुुरुवार को भी विधानसभा में प्रश्न-काल के दौरान दिखा। संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने मदन सहनी के वक्तव्य पर खेद जताया ।

Sumita JaiswalFri, 26 Feb 2021 11:27 AM (IST)

पटना, राज्य ब्यूरो । समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने बुधवार को विधानसभा में भाकपा (माले) विधायक दल के नेता महबूब आलम पर जो टिप्पणी की थी उसका असर गुुरुवार को भी विधानसभा में प्रश्न-काल के दौरान दिखा। बुधवार को संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने मदन सहनी के वक्तव्य पर खेद जताया था। वहीं गुरुवार को प्रश्न-काल के आरंभ में यह मामला पुन: भाकपा (माले) द्वारा उठा दिया गया। इस पर संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि वह न तो किसी दल और न ही किसी विधायक के सम्मान पर बट्टा लगने देंगे।

किसी के अपमान की मंशा सरकार की नहीं

चौधरी ने कहा कि सरकार की मंशा सदन का सम्मान है। सब का मान बराबर है। किसी के अपमान की मंशा सरकार की कभी नहीं रही है और न रहेगी। सरकार खुले दिल से जनता की समस्याओं का निदान करना चाहती है। पूरे सदन से उनकी विनती है कि सदन की कार्यवाही चलाने में मदद करें। संसदीय कार्य मंत्री ने यह भी जोड़ा कि भाषण स्वतंत्रता (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) का अर्थ स्व नियंत्रण है और यह सभी पर लागू होना चाहिए।

बर्खास्‍त करें मंत्री को

प्रश्न-काल आरंभ होते ही भाकपा (माले) विधायक दल के नेता महबूब आलम ने कहा कि असंसदीय टिप्पणी को ले सरकार अपने मंत्री को बर्खास्त करे। राजद के ललित यादव ने कहा मंत्री बैठे-बैठे ऐसी-वैसी टिप्पणी करते हैं। आखिर में विधानसभा अध्यक्ष ने इस प्रकरण का पटाक्षेप करते हुए शेर कहा कि सबसे रस्म-ओ-राह रखिए, दिल में बुलंदियों की चाह रखिए।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.