बिहार के हर शहर में बनेगी जैविक खाद, मुफ्त में मिलेगा कच्‍चा माल; सरकार ने बनाई है ये योजना

बि‍हार में नगर विकास एवं आवास विभाग ने राज्य के शहरों से निकलने वाले कचरे से अधिक से अधिक जैविक खाद व कंपोस्ट बनाने का निर्देश सभी शहरी निकायों के अफसरों को दिया गया है। कचरे से बनी खाद की बिक्री के लिए कृषि पदाधिकारियों से संपर्क करना होगा।

Shubh Narayan PathakTue, 19 Oct 2021 09:42 AM (IST)
बिहार के हर शहर में बनेगी जैविक खाद। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

पटना, राज्य ब्यूरो। बि‍हार में नगर विकास एवं आवास विभाग ने राज्य के शहरों से निकलने वाले कचरे से अधिक से अधिक जैविक खाद व कंपोस्ट बनाने का निर्देश सभी शहरी निकायों के अफसरों को दिया गया है। कचरे से बनी खाद की बिक्री के लिए अपने-अपने जिले के कृषि पदाधिकारियों से संपर्क करने को भी कहा गया है। इसका इस्तेमाल खेती-किसानी के लिए किया जाएगा। शहरी निकायों को राज्य की कुल जरूरत का कम से कम 50 फीसद जैविक खाद का उत्पादन करने को कहा गया है। नगर विकास मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि कचरे की प्रोसेसिंग को लेकर निकायों में नई योजना बनाने के साथ ही पुरानी निकायों में संचालित योजनाओं की भी समीक्षा होगी, ताकि उनकी कमियों को दूर किया जा सके।

जानकारी के मुताबिक, राज्य के कई शहरी निकायों ने कचरे से खाद निर्माण को लेकर प्रयोग शुरू भी कर दिया है। सहरसा व सुपौल जिले में न सिर्फ जैविक कचरे की प्रोसेसिंग हो रही है, बल्कि उनसे तैयार खाद को खुले बाजार में बेचा भी जा रहा है। मुजफ्फरपुर और गया नगर निगम में भी जैविक कचरे से अच्छी गुणवत्ता का कंपोस्ट बनाने का प्रयोग सफल रहा है। कुछ शहरी निकाय ऐसे भी हैं, जहां कचरे से खाद या कंपोस्ट निर्माण में जमीन की समस्या आ रही है। विभाग के मुताबिक आधे पुराने शहरी निकायों में शहर के बाहर जमीन की व्यवस्था कर ली गई है। बाकी निकायों में भी जल्द ही कचरे की प्रोसेसिंग का काम शुरू हो जाएगा।

पटना में 20 जगहों पर बनेगी खाद

राजधानी में जैविक कचरे से खाद बनाने के लिए 20 जगहों पर अलग-अलग क्षमता की मशीन लगाए जाने की योजना है। इसका संचालन, रखरखाव व निर्माण एजेंसी के माध्यम से होगा। तीन जगहों पर दो हजार किग्रा, नौ जगहों पर एक हजार किग्रा, पांच जगहों पर 500 किग्रा, दो जगहों पर 250 किग्रा और एक जगह पर 100 किग्रा क्षमता की मशीन लगेगी। चयनित एजेंसी ही होटल, रेस्तरां, पार्क, वन क्षेत्र आदि जगहों पर से कचरा जमा करेगी और प्रोसेसिंग कर खाद बनाने का काम करेगी। इसके लिए एजेंसी सर्विस चार्ज भी वसूल सकेगी। पटना में गीले कचरे से सीएनजी बनाने की भी योजना है, मगर अभी इसमें कुछ समय लगेगा।

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