अब सरकारी अनाज पहुंचाने वाले वाहन डोर-टू-डोर जाकर लाभुक से बोलेंगे-ठीक है, जानें Patna News

जितेंद्र कुमार, पटना। अब सरकारी अनाज पहुंचाने वाली गाड़ियों गीत बजेंगे। बोल कुछ एेसे हैं- खाद्य सुरक्षा सफल योजना लाभुक तक पहुंचाएंगे, चावल-गेहूं लाएंगे, सब लाभुक को दिलवाएंगे। ठीक है..। कालाबाजारी खत्म करेंगे, पूर्ण पारदर्शिता दिखाएंगे- ठीक है..। सबका विश्वास बढ़ाएंगे, गरीब में आस जगाएंगे..।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना की पंचलाइन से तैयार हुआ गीत

यह गीत अब शहर से लेकर गांवों तक सरकारी अनाज पहुंचाने वाली गाड़ियों में बजेंगे। योजना में लाभार्थियों का आकर्षण बढ़ाने और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से राज्य खाद्य निगम ने अनाज की डोर स्टेप डिलेवरी करने वाली गाड़ियों में बजवाने के लिए उक्त गीत को तैयार कराया है। इसकी थीम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना की पंचलाइन से तैयार की गई है।

शिकायत के लिए होगा टोल फ्री नंबर

स्वच्छ भारत मिशन के तहत डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रह करने वाली गाड़ियों में जागरुकता के लिए ऐसे आकर्षक और कर्णप्रिय गीत बजाए जाते थे। उसी तरह अब बिहार में डोर स्टेप अनाज डिलेवरी करने वाले वाहनों के लिए गीत तैयार कराया गया है। गीत के बोल बिहारी हैं। इसकी धुन भोजपुरी गायक खेसारी लाल यादव के चर्चित गाने- ‘नून रोटी खाएंगे, जिंदगी संग बिताएंगे- ठीक है..’ की तर्ज पर बनाया गया है। गीत में उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए शिकायत करने को टोल-फ्री नंबर भी सुना जा सकेगा।

नए साल में जन वितरण दुकानों पर आधार समर्थित राशन कार्डधारकों को ही खाद्य सुरक्षा के तहत अनाज आपूर्ति की व्यवस्था होने जा रही है। इसके लिए सभी जन वितरण दुकानों पर बायोमीटिक पीओएस मशीन स्थापित की जा रही है। लाभार्थियों के अंगूठे के निशान के जरिए उसकी मशीन से पहचान होगी, तभी अनाज मिल सकेगा। पहले चरण में मधेपुरा, बक्सर, पूर्वी चंपारण, गया, गोपालगंज, रोहतास, पूर्णिया, किशनगंज, भागलपुर, अररिया, सुपौल और वैशाली जिलों में मशीन की आपूर्ति कर दी गई है। पटना, नालंदा, भोजपुर, जहानाबाद, कैमूर, नवादा, जमुई, बांका, सारण, गोपालगंज सहित अन्य जिलों में दिसंबर तक मशीन लगाने की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

क्या है खाद्य निगम के गाने में

बिहार राज्य खाद्य निगम की ओर से तैयार कराए गए गीत में कालाबाजारी व अनियमितता की सूचना देने के लिए टोल-फ्री नंबर 18003456194 को भी लयबद्ध किया गया है। इसकी पंचलाइन दी गई है कि ‘हम गरीबों में आस और किसानों में विश्वास जगाते हैं।’ गीत के माध्यम से उपभोक्ताओं को पता चलेगा कि किस माह का अनाज जन वितरण दुकानों में पहुंचने वाला है या फिर पहुंच रहा है।

गीत में प्रत्येक महीने को भी लयबद्ध किया गया है। अंत्योदय के लाभार्थियों को महीने में 14 किग्रा. गेहूं और 21 किग्रा. चावल देने तथा पीएचएच (प्रायोरिटी हाउस होल्ड) कार्डधारक के प्रत्येक सदस्य के नाम पर दो किग्रा. गेहूं और तीन किग्रा. चावल देने की बात कही जा रही है।

1952 से 2019 तक इन राज्यों के विधानसभा चुनाव की हर जानकारी के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.