CBSE Vocational Courses: स्कूलों में अब कोडिंग और डाटा कोर्स की पढ़ाई, 50 फीसद बच्चे पढ़ेंगे वोकेशनल कोर्स

CBSE Vocational Courses सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (सीबीएसई) ने नई शिक्षा नीति के तहत स्कूलों में अब 50 फीसद बच्चों को वोकेशनल कोर्स पढ़ाना अनिवार्य कर दिया है। बोर्ड की पहल पर 2025 तक इसे पूरी तरह लागू करना है।

Sumita JaiswalSat, 05 Jun 2021 08:56 AM (IST)
इस वर्ष से सीबीएसई द्वारा दो नए वोकेशनल कोर्स शुरू किए जा रहे, सांकेतिक तस्‍वीर।

पटना, जागरण संवाददाता। CBSE Vocational Courses सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (सीबीएसई) ने नई शिक्षा नीति के तहत स्कूलों में अब 50 फीसद बच्चों को वोकेशनल कोर्स पढ़ाना अनिवार्य कर दिया है। बोर्ड की पहल पर 2025 तक इसे पूरी तरह लागू करना है।  पहले स्कूलों को यह स्वतंत्रता थी कि वे अपने सुविधा के अनुसार वोकेशनल कोर्स चला सकते थे।

कोडिंग एवं डाटा का कोर्स का शुभारंभ

इस वर्ष से सीबीएसई द्वारा दो नए वोकेशनल कोर्स, कोडिंग एवं डाटा प्रारंभ किए जा रहे हैं। दुनियाभर में कोडिंग की मांग को देखते हुए सीबीएसई ने इसे वोकेशनल कोर्स के रूप में तैयार किया है। एसोसिएशन ऑफ पब्लिक स्कूल्स के अध्यक्ष डॉ.सीबी सिंह का कहना है कि नई शिक्षा नीति में वोकेशनल कोर्स को विशेष महत्व दिया गया है। इससे बच्चों में रोजगार की क्षमता विकसित होगी। देश में बढ़ती बेरोजगारी दूर करने में भी मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुरू से ही बच्चों को वोकेशनल कोर्स पढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।

क्लास 6 से पढ़ाए जाएंगे वोकेशनल कोर्स

एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष एके नाग का कहना है कि नई शिक्षा नीति के तहत क्लास छह से ही  वोकेशनल कोर्स पढ़ाया जा रहा है। क्लास छह से आठवीं तक के बच्चों के लिए 9 वोकेशनल कोर्स तैयार किए गए हैं। वहीं 9वीं एवं 10वीं के बच्चों के लिए 18 वोकेशनल कोर्स तैयार किये गए हैं। 11वीं एवं 12वीं के बच्चों के लिए 38 वोकेशनल कोर्स तैयार किए गए हैं।

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