आरा के चंदवा मोड़ पर किसान समन्‍वय समिति ने किया चक्‍का जाम, जानिए दूसरे जिलों का अपडेट

आरा के चंदवा मोड़ पर चक्‍का जाम करते नेता। जागरण

Farmers protest Chakka Jam दिल्‍ली में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर बिहार के किसानों में बहुत उत्‍साह नहीं है। इसी वजह से आज बुलाए गए चक्‍का जाम में भी ज्‍यादातर राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सक्रियता ही देखने को मिल रही है।

Shubh Narayan PathakSat, 06 Feb 2021 09:14 AM (IST)

पटना, जागरण टीम। Farmer's Movement: किसान आंदोलन के समर्थन के मुद्दे पर बिहार के किसानों का रुख अलग है। दिल्‍ली, पंजाब और हरि‍याणा के आसपास चल रहे किसान आंदोलन के प्रति बिहार के किसान ज्‍यादातर उदासीन हैं। इस वजह से किसान संगठनों के देशव्‍यापी चक्‍का जाम को बिहार में कोई खास समर्थन देखने को नहीं मिल रहा है। हालांकि महागठबंधन में शामिल राष्‍ट्रीय जनता दल, कांग्रेस, सीपीआइ एमएल और सीपीआइ जैसी पार्टियों ने चक्‍का जाम को समर्थन देने की बात कही है। इंटर की परीक्षा को देखते हुए महागठबंधन ने दोपहर एक बजे से अलग-अलग हिस्‍सों में एक से दो घंटे के लिए चक्‍का जाम करने की बात कही है।

आरा में चंदवा मोड़ पर किसान समन्‍वय समिति ने किया प्रदर्शन

अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति के समर्थन और केंद्र सरकार के कृषि कानून के खिलाफ आहूत चक्का जाम को लेकर शनिवार की दोपहर जन अधिकार पार्टी के नेता व कार्यकर्ता आरा में सड़क पर उतर गए। आरा शहर के चंदवा मोड़ के समीप आरा-बक्सर एनएच 84 को जाम कर दिया। सड़क जाम के दौरान आंदोलनकारी जाप नेता कृषि बिल को काला कानून बताते हुए रोषपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही कृषि कानून को वापस लेने की मांग कर रहे है। पार्टी के प्रदेश महासचिव ब्रजेश सिंह चक्का जाम आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। सड़क जाम व प्रदर्शन के चलते हाईवे पर वाहनों का परिचालन अवरूद्ध हो गया है। दोपहर 12 बजे ही पार्टी के कार्यकर्ता व नेता  बैनर व झंडा लिए सड़क पर उतरकर विरोध- प्रदर्शन कर रहे हैं। नेताओं के अनुसार इंटर परीक्षा को देखते हुए एक घंटे का चक्का जाम निर्धारित किया गया है।

गया और नवादा में भी चक्‍का जाम करने की तैयारी

गया और नवादा जैसे शहरों में वामपंथी दलों ने चक्‍का जाम के समर्थन में सड़क पर उतरने की अपील की है। माना जा रहा है कि प्रतीकात्‍मक तौर पर विरोध करने के लिए इन दलों के कार्यकर्ता कुछ देर के लिए सड़क पर उतर सकते हैं। बिहार की राजधानी पटना में अब तक केवल जन अधिकार पार्टी ने ही चक्‍का जाम के समर्थन में सड़क पर उतरने की बात कही है। बिहार के ज्‍यादातर किसान हैशटैग #चक्‍का_जाम_नहीं_होगा के समर्थन में दिख रहे हैं।

आंदोलन की आंच में सियासी रोटी सेंकने की कोशिश नाकाम

बिहार में सक्रिय कई राजनीतिक दलों ने इस मसले पर अपनी सियासी रोटी सेंकने की कोशिशें लगातार कीं, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा। यही वजह है कि आज देशभर में चक्‍का जाम के आह्वान पर बिहार के राजनीतिक दल बहुत अधिक उत्‍साहित नहीं हैं। उन्‍हें पता है कि इसे जनसमर्थन मिलने से रहा। उल्‍टे कई इलाकों में किसान पूरे प्रकरण से बेहद खफा हैं और इसे बिचौलियों और दलालों की साजिश मानते हैं। यूं तो कांग्रेस, राजद, सीपीआइ, सीपीआइ एमएल और जन अधिकार पार्टी जैसे कई दलों ने बिहार में भी चक्‍का जाम को समर्थन देने का ऐलान किया है, लेकिन कोई इसके लिए खुद सामने नहीं आया है।

कांग्रेस बोली- इंटर परीक्षा का ख्‍याल रखकर सीमित किया आंदोलन

बिहार कांग्रेस के अध्‍यक्ष मदन मोहन झा ने कहा कि कांग्रेस किसान आंदोलन का समर्थन कर रही है। किसानों के खिलाफ हर कानून का कांग्रेस विरोध करेगी। उन्‍होंने कहा कि बिहार में चल रही इंटर परीक्षा को देखते हुए उनकी पार्टी और महागठबंधन के अन्‍य दल केवल एक घंटे के लिए सड़क पर उतरकर चक्‍का जाम करेंगे। इस आंदोलन से आवश्‍यक सेवाओं और इंटर परीक्षार्थियों को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।

कृषि कानूनों के विरोध में जाप करेगी चक्का जाम

अखिल भारतीय किसान आंदोलन समन्वय समिति द्वारा शनिवार छह फरवरी को बुलाए गए भारत बंद को जन अधिकार पार्टी (लो) ने अपना समर्थन दिया है। जाप अध्यक्ष पप्पू यादव ने कहा कि पार्टी के नेता भारत बंद के दौरान बाइपास पर चक्का जाम करेंगे। जाप सुप्रीमो ने कृषि कानूनों को काला कानून बताता हुए कहा कि इन कानूनों से किसानों की आॢथक स्थिति और खराब हो जाएगी। केंद्र सरकार किसानों को परेशान करना बंद करे। उन पर किसी भी प्रकार का अत्याचार बर्दास्त नहीं किया जाएगा। ब तक किसानों की मांग पूरी नहीं की जाएगी तब तक जाप की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि मंडी सिस्टम में पूंजीपतियों के आ जाने से किसानों का शोषण होगा और उन्हेंं अपने अनाज का पर्याप्त दाम नहीं मिलेगा।

चक्का जाम का समर्थन करेगी कांग्रेस

गया जिले में कांग्रेस ने चक्का जाम आंदोलन को समर्थन देने की बात कही है। हालांकि नेताओं का कहना है कि इंटर के परीक्षार्थी, इमरजेंसी सेवा को पूरी तरह मुक्त रखा जाएगा। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक वे दोपहर 12 बजे से  तीन बजे तक चक्‍का जाम करेंगे। नवादा में वामपंथी दलों ने दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक चक्का जाम करने की बात कही है।

वैशाली में दो से तीन बजे तक होगा विरोध

किसान आंदोलन के समर्थन में दोपहर 2 बजे से 3 बजे के बीच में चक्का जाम का निर्णय लिया गया है। इंटरमीडिएट की चल रही परीक्षा में शामिल छात्र छात्राओं को दिक्कत नहीं हो इसी को ध्यान में रखकर संगठनों ने यह निर्णय लिया है। निर्णय के आलोक में विभिन्न संगठन वैशाली जिले के सभी प्रमुख मार्गों को दोपहर 2 से 3 के बीच में जाम कर कृषि बिल के विरोध में नारेबाजी करेंगे।

 

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