Bihar Politics: नीतीश बोले, जातीय जनगणना कराए केंद्र सरकार, सुशील मोदी ने कहा- ऐसा संभव नहीं

जातीय जनगणना के मुद्दे पर बिहार में एनडीए के नेता एकमत नहीं हैं। एक ओर दिल्‍ली में बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि हर हाल में जातीय जनगणना होनी चाहिए तो दूसरी ओर बिहार में पूर्व डिप्‍टी सीएम व रास सांसद सुशील मोदी ने इसे नकार दिया है।

Vyas ChandraSun, 26 Sep 2021 04:26 PM (IST)
समारोह में थैला वितरण करते सुशील कुमार मोदी, साथ में नंदकिशोर यादव। फोटो-सुशील मोदी के ट्व‍िटर से साभार

पटना, आनलाइन डेस्‍क। जातीय जनगणना (Caste Census) के मुद्दे पर बिहार में एनडीए (Bihar NDA) के नेता एकमत नहीं हैं। एक ओर दिल्‍ली में बिहार के सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने कहा कि हर हाल में जातीय जनगणना होनी चाहिए तो दूसरी ओर बिहार में पूर्व डिप्‍टी सीएम व रास सांसद सुशील कुमार मोदी ने इसे नकार दिया है। उन्‍होंने कहा है कि केंद्र सरकार के लिए ऐसा कराना असंभव है। सांसद सुशील कुमार मोदी ने रविवार को पटना सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम में बड़ा बयान दिया है। उन्‍होंने कहा है कि केंद्र सरकार के लिए जातिगत जनगणना कराना असंभव है। राज्‍य सरकार चाहती है तो अपने स्‍तर से करा सकती है। इसके लिए सभी राज्‍य की सरकारें स्‍वतंत्र है। जिस तरह कर्नाटक की सरकार ने जातीय जनगणना कराई। ओडिसा की सरकार भी ऐसा करा रही है। ऐसे में बिहार की राजग सरकार को लगता है कि ऐसा संभव तो करवाए।  वे पटना सिटी के मालसलामी स्थित नगला में भाजपा व्‍यापार प्रकोष्‍ठ की ओर से आयोजित पीएम नरेंद्र मोदी के जन्‍मदिन समारोह में पहुंचे थे। 

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सुशील मोदी बोले, तकनीकी तौर पर बड़ी समस्‍या 

इस अवसर पर सुशील मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण योजना के तहत बिहार के आठ करोड़ 71 लाख लोगों को सात महीने मुफ्त पांच किलो अनाज दिया जा रहा है। राज्‍य के सभी जिला और प्रखंड स्‍तर पर अनाज वितरण हो रहा है। मौके पर पूर्व मंत्री नंदकिशोर यादव समेत अन्‍य लोग मौजूद थे। इस दौरान लोगों के बीच पांच किलो के थैले का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर पूर्व डिप्‍टी सीएम ने कहा कि पिछली बार सामाजिक आर्थिक गणना के वक्‍त देश में 43 लाख जातियों का पता चला। उस सर्वे में कई खामियां सामने आईं। ऐसे में तकनीकी तौर पर जातिगत जनगणना संभव नहीं है।  शनिवार को ही बिहार सरकार के दो मंत्री नीरज कुमार बबलू और जनक राम ने भी इस पर बयान दिया है। नीरज कुमार बबलू ने तो कहा है कि जातीय जनगणना जरूरी ही नहीं है। हां, देश में जनसंख्‍या नियंत्रण कानून जरूरी है। ऐसे में बिहार में आने वाले समय में जाति की राजनीति और गरमाने वाली है।  

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