बिहार में फिर हत्‍या की बड़ी वारदात, सात दिनों से लापता पटना के प्रखंड कृषि अधिकारी का शव बरामद

पटना जिले में मसौढ़ी के प्रखंड कृषि अधिकारी अजय कुमार की फाइल फोटो। साभार: स्‍वजन

Murder of Agriculture Officer in Patna पटना जिले के मसौढ़ी प्रखंड कृषि कार्यालय में पदस्‍थापित प्रखंड कृषि अधिकारी अजय कुमार की हत्‍या कर दी गई है। उनका अपहरण पिछले 18 जनवरी को ही तब कर लिया गया था जब वे पटना स्थित आवास से अपने कार्यालय जा रहे थे।

Publish Date:Sun, 24 Jan 2021 12:47 PM (IST) Author: Shubh Narayan Pathak

पटना/मसौढ़ी, जागरण टीम। Crime in Patna: बिहार की राजधानी पटना में अपराधियों का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। आम लोगों की कौन कहे तो सरकारी बाबू भी जिले में सुरक्षित नहीं रहे। पटना जिले के मसौढ़ी प्रखंड कृषि कार्यालय (Masaudhi Block Agriculture Office) में पदस्‍थापित प्रखंड कृषि अधिकारी अजय कुमार (Block Agriculture Officer Ajay Kumar) की हत्‍या (Murder after Kidnapping) कर दिए जाने का पता पुलिस को चला है। उनका अपहरण पिछले 18 जनवरी को ही तब कर लिया गया था, जब वे पटना स्थित आवास से अपने कार्यालय जा रहे थे। पुलिस ने अधिकारी का शव तलाश लिया है। उनकी हत्‍या कर शव को नदी किनारे गड्ढा खोदकर दफन कर दिया गया था।

कार्यालय जाने के क्रम में कर लिया गया था अपहरण

करीब सात दिनों से लापता मसौढ़ी प्रखंड कृषि पदाधिकारी अजय कुमार के अपहरण की प्राथमिकी उनकी पत्‍नी ने अपहरण के अगले दिन यानी 19 जनवरी को दर्ज कराई थी। अजय 18 जनवरी को पटना के कंकड़बाग, चांदमारी रोड, बुद्ध नगर रोड नंबर दो स्थित आवास से अपने कार्यालय में ड्यूटी पकड़ने के लिए निकले थे। बताया जा रहा है कि वे पटना से ट्रेन पकड़कर मसौढ़ी गए और मसौढ़ी कोर्ट हॉल्‍ट स्‍टेशन पर उतरे थे। यहां उतरने के बाद वे अनुमंडल चौराहा के पास खाद-बीज की एक दुकान पर बैठे थे। यहां उन्‍होंने बिना चीनी की चाय पी थी। कृषि अधिकारी ने वहां कहा था कि वे दाढ़ी बनवाने के बाद कार्यालय जाएंगे। इसके बाद उनका कुछ पता नहीं चला। बाद में उनके अपहरण और अब हत्‍या की बात सामने आई।

पुनपुन के खाद-बीज दुकानदार ने किया था अपहरण

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस मामले में पुनपुन प्रखंड के साहेबनगर निवासी खाद-बीज दुकानदार गोलू कुमार की संलिप्‍तता हो सकती है। घटना के दिन उसे दो बार मसौढ़ी प्रखंड कृषि कार्यालय के पास देखा गया था। उसे पहली बार सुबह साढ़े सात आल्‍टो कार में चार से पांच लोगों के साथ देखा गया। दूसरी बार दोपहर 11 बजे भी उसे कृषि कार्यालय के पास देखा गया था। पुलिस ने शक के आधार पर हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की तो पहले तो वह इनकार करता रहा, लेकिन सख्‍ती बरतने के बाद वह टूट गया।

दरधा नदी के किनारे दफना दिया अधिकारी का शव

पुलिस से पूछताछ में खाद दुकानदार गोलू कुमार ने बताया कि उसी ने मसौढ़ी के प्रखंड कृषि पदाधिकारी अजय कुमार का अपहरण किया था। उसने अपने सहयोगियों के साथ कृषि अधिकारी को धनरुआ में एक झोपड़ी में ले जाकर रखा था। बाद में इन लोगों ने अधिकारी की हत्‍या कर दी और शव को धनरूआ में दरधा नदी किनारे एक गड्ढा खोदकर दफन कर दिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर शव को ढूंढने के बाद पहचान भी करा ली है।

मजिस्‍ट्रेट के आने के बाद शुरू होगी शव की तलाश

मौके पर मौजूद कंकड़बाग के थानेदार रविशंकर सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपित की निशानदेही वाले स्‍थल पर पुलिस सुबह से ही पहुंच गई थी। करीब दो घंटे तक पुलिस ने मजिस्ट्रेट के आने का इंतजार किया। मजिस्‍ट्रेट के आने के बाद आरोपित की बताई जगह खोदाई कर शव को बाहर निकाला गया।

अधिकारी का बेहद करीबी है हत्‍यारा, घर भी आता-जाता था

पटना के सिटी एसपी (पूर्वी) जितेंद्र कुमार ने बताया कि हत्‍या के पीछे प्रथम दृष्‍टया रुपये के लेनदेन के विवाद की बात ही सामने आ रही है। गिरफ्तार किया गया खाद दुकानदार कृषि अधिकारी का बेहद करीबी था। वह अधिकारी के घर भी आया-जाया करता था। अधिकारी के घर के लोग भी उसे जानते हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक ऐसा अंदेशा जताया जा रहा है कि अधिकारी उसी के पास अपना रुपया भी रखा करता था। उसी के जरिये कमीशन और रिश्‍वत का लेनदेन भी होता था। इसी रुपये के लालच में उसने कृषि अधिकारी को मार डाला।

जमीन दिखाने के बहाने लेकर गया था सुनसान इलाके में

बताया जा रहा है कि गोलू 18 जनवरी को सुबह से ही अधिकारी के पटना पहुंचने का इंतजार कर रहा था। उसने दोपहर के करीब साढ़े बारह बजे कृषि अधिकारी को अपनी कार में बैठाया और जमीन खरीदवाने की बात कहकर उन्‍हें धनरुआ की तरफ लेकर चला गया। अधिकारी का उससे रोज का वास्‍ता था, इसलिए वे आसानी से उसके साथ चले भी गए। यही वजह रही कि एक अधिकारी की दिनदहाड़े बीच बाजार अपहरण की खबर किसी को कानोंकान तक नहीं हुई।

बेहद शातिर है हत्‍यारा, हत्‍या के अगले दिन बंधवा ली पट्टी

पुलिस के मुताबिक हत्‍यारा गाेलू बेहद शातिर है। उससे सुराग हासिल करने में पुलिस को पसीने छूट गया। कृषि अधिकारी के रुपये हड़पने के लिए उसने उन्‍हें अपहरण कर मार डाला। इस वारदात में उसने दो-चार और लोगों का भी सहयोग लिया। हत्‍या के अगले दिन उसने एक वारदात का बहाना बनाकर खुद की मरहम-पट्टी करवा ली। पुलिस ने जब उसे पकड़ा तो वह आसानी से मुंह खोलने के लिए तैयार नहीं था। बताया जा रहा है कि कड़ी ठुकाई के बाद ही उसने पुलिस के सामने मुंह खोला।

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