सदन में राजद के MLC ने भ्रष्टाचार पर बोला हमला तो भाजपा नेता कहा- आपका तो सुप्रीमो ही भ्रष्‍टाचार के केस में जेल में बंद

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की फाइल फोटो।

राजद के एमएलसी सुनील कुमार ने भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर हमला बोला। कहा- 90 फीसद बीडीओ-डीएम बिना रिश्वत काम नहीं करते। ओडीएफ सिर्फ कागज पर है। इसपर भाजपा के रजनीश ने पलटवार किया कि आपकी पार्टी के तो राष्ट्रीय अध्यक्ष ही भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में हैं।

Sumita JaiswalThu, 25 Feb 2021 08:37 PM (IST)

पटना, राज्य ब्यूरो। विधानपरिषद के दूसरे सत्र में गुरुवार को बजट पर सामान्य वाद-विवाद के दौरान राजद के एमएलसी सुनील कुमार ने भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ओडीएफ सिर्फ कागज पर ही हो रहा है। 90 फीसद बीडीओ, सीओ, डीएम, डीटीओ जैसे अफसर बिना रिश्वत के काम नहीं करते। इस पर भाजपा के रजनीश ने पलटवार करते हुए कहा कि आपकी पार्टी के तो राष्ट्रीय अध्यक्ष ही भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में हैं। इस पर सुनील कुमार ने कहा कि राज्य में छोटे-बड़े 55 स्कैम सामने आए हैं। जरूरत कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि 10 फीसद भी पैक्स कम्प्यूटरीकृत नहीं हैं। दलहन-तिलहन फसलों की सरकारी खरीद न करने, कॉमर्शियल बैंकों के द्वारा केसीसी लोन न दिए जाने आदि का मुद्दा भी उन्होंने उठाया।

कॉपी-पेस्ट बजट : सुबोध

राजद के एमएलसी सुबोध कुमार ने कहा कि इस बार का बजट पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के द्वारा पेश बजट का कॉपी पेस्ट है। उन्होंने 'बेरोजगार हूं, साहब रोजगार चाहिएÓ कविता पढ़कर सरकार से रोजगार देने की मांग की। कहा कि जैसा बजट है, लगता है यह बीच में ही क्रैश हो जाएगा।

कहां गया राजीव गांधी का पैकेज

इसके पूर्व सदन में जदयू के नीरज कुमार ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने बिहार में बाढ़ नियंत्रण के लिए चार हजार 577 करोड़ रुपये का पैकेज दिया था। विपक्ष बताए कि उस पैकेज का क्या हुआ? उन्होंने पिछले 15 साल में नीतीश सरकार की उपलब्धियां सदन में रखीं। सर्वेश कुमार ने कहा कि सरकार ने सड़क, बिजली, इंफ्रास्ट्रक्चर आदि क्षेत्रों में अच्छा किया है, मगर रोजगार, उद्योग, पर्यटन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर फोकस करने की जरूरत है।

बीपीएससी का वार्षिक प्रतिवेदन पेश

राज्य ब्यूरो, पटना : विधानपरिषद में गुरुवार को दूसरे सत्र में बिहार लोक सेवा आयोग का वर्ष 2018-19 का वार्षिक प्रतिवेदन पेश किया गया। इसमें आयोग का स्वरूप, आय-व्यय, परीक्षा द्वारा भर्ती, प्रोन्नति व अनुशासनिक मामलों आदि की जानकारी है।

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