Sawan 2021: भोलेनाथ का प्रिय मास सावन आज से शुरू, चार सोमवारी पर विशेष संयोग; बिहार में मंदिर रहेंगे बंद

Sawan 2021 बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ने भी मंदिरों को बंद रखने का निर्देश दिया है। सावन के दौरान शिव मंदिरों में पुजारी विधि-विधान के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक व पूजा-अर्चना करेंगे। वहीं इस बार संक्रमण के कारण कांवर यात्रा पर भी विराम है।

Shubh Narayan PathakSun, 25 Jul 2021 06:11 AM (IST)
सावन के दौरान बिहार में बंद रहेंगे सभी मंदिर। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

पटना, जागरण संवाददाता। भगवान शिव के प्रिय मास सावन की शुरुआत रविवार से हो रही है। सोमवारी पर शिवालयों में सन्नाटा रहेगा। कोविड संक्रमण के चलते बीते वर्ष की तरह इस साल भी शहर के सभी धार्मिक स्थल, मंदिर व शिवालय बंद रहेंगे। ऐसे में शिव भक्त घरों में श्रद्धा पूर्वक भगवान शिव का जलाभिषेक व पूजा-अर्चना करेंगे। वहीं बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ने भी मंदिरों को बंद रखने का निर्देश दिया है। सावन के दौरान शिव मंदिरों में पुजारी विधि-विधान के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक व पूजा-अर्चना करेंगे। वहीं इस बार संक्रमण के कारण कांवर यात्रा पर भी विराम है। शहर के राजापुर पुल, बांस घाट काली मंदिर, कदमकुआं चूड़ी मार्केट, खाजपुरा शिव मंदिर, कंकड़बाग शिव मंदिर समेत अन्य मंदिरों में भक्तों का प्रवेश वर्जित होगा। गौरतलब है कि बिहार सरकार ने अब तक मंदिरों को खोलने की इजाजत नहीं दी है, यह अलग बात है कि ग्रामीण इलाके और गलियों में छोटे मंदिर खुल रहे हैं।

महावीर मंदिर में भी भक्त नहीं कर सकते जलाभिषेक

पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर भक्त रूद्राभिषेक, जलाभिषेक नहीं कर पाएंगे। महावीर मंदिर न्यास समिति के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि बीते वर्ष नियमों के साथ भक्तों को दर्शन की अनुमति थी।  भक्तों ने अनुमति लेकर रूद्राभिषेक किया था। इस बार रुद्राभिषेक की अनुमति नहीं होगी। इस बार सावन में सुल्‍तानगंज से झारखंड के देवघर तक निकलने वाली कांवर यात्रा भी नहीं निकलेगी। सोनपुर के पहलेजाघाट से मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर तक निकलने वाली कांवर यात्रा पर रोक रहेगी। बिहार के अन्‍य हिस्‍सों में भी इस बार कांवर यात्रा नहीं निकलेगी।

सावन में बन रहा शुभ संयोग

इस बार सावन का आरंभ रविवार को आयुष्मान योग में हो रहा है। ज्योतिष आचार्य पीके युग ने बताया कि 25 जुलाई से शुरू हो रहे सावन मास का  समापन 22 अगस्त को होगा। इस बार सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं। पहला सोमवार 26 जुलाई, दूसरा दो अगस्त, तीसरा नौ अगस्त और चौथा 16 अगस्त को पड़ेगा। इस बार संक्रमण को देखते हुए घरों में हीं भगवान शिव के पंचाक्षर मंत्र का जाप करें।

सावन मास में ससुराल आते है भोलेनाथ

ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश झा ने बताया कि भगवान महादेव सावन मास में भूलोक पर अवतरित होकर अपनी ससुराल गए थे। जहां पर उनका स्वागत जलाभिषेक से किया गया था। सावन के सोमवार दिन का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यता है कि सावन मास के सोमवार को व्रत रखने और भगवान शंकर की पूजा करने से रोग शोक का नाश होने के साथ पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

चार सोमवार पर अनूठा संयोग

सावन में चार सोमवार का अनूठा संयोग बना है। जिसमें दो कृष्ण पक्ष व दो शुक्ल पक्ष में होंगे। सावन के दूसरे दिन 26 जुलाई, पहले सोमवार को सौभाग्य योग, दूसरी एवं चौथी सोमवारी को सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बना है।

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