Bihar Politics: JDU में अब चुनावी हार की गिरेगी गाज; बड़ी फेरबदल की संभावना, हटाए जा सकते हैं आधे से अधिक जिलाध्यक्ष

बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार। फाइल तस्‍वीर।

बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू की उम्‍मीदों को बड़ा धक्‍का लगा। पार्टी क कई सीटों पर हार हो गई। अब चुनावी हार की गाज गिराने की बारी है। जेडीयू ने हार के कारणों के मंथन के बाद बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है।

Publish Date:Mon, 25 Jan 2021 03:00 PM (IST) Author: Amit Alok

पटना, बिहार ऑनलाइन डेस्‍क। Bihar Politics बीते बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) में सत्‍ताधारी जनता दल यूनाइटेड (JDU) की बड़ा धक्‍का लगा। पार्टी को उम्‍मीद से कम सीटें ही नहीं मिलीं, कम सीटों के कारण राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में उसकी स्थिति भी कमजोर हुई। पार्टी ने इसके कारणों पर मंथन के बाद अब जिम्मेदार अपने लोगों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। माना जा रहा है कि आधे से अधिक जिलाध्यक्षों (District JDU Presidents) की कुर्सी जा सकती है।

संदेह के घेरे में पार्टी के जिलाध्यक्षों की भूमिका

विधानसभा चुनाव में कम सीटें मिलने के बाद से जेडीयू नेतृत्व पार्टी के अंदर-बाहर लगातार फीडबैक ले रहा था। इस दौरान लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) की भूमिका तो समाने आई तो अपनों पर भी अंगुलियां उठीं। बड़े पैमाने पर पार्टी के जिलाध्यक्षों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई। यह बात उभरकर सामने आई कि विधानसभा चुनाव से पहले जमीनी हकीकत का आंकलन नहीं किया जा सका। पार्टी ने अपने जिलाध्यक्षों की ईमानदारी को लेकर भी आंखें बंद कर लीं। अब पार्टी के अंदर गहन मंथन व पड़ताल के बाद जेडीयू बड़ा कदम उठाने जा रहा है।

जेडीयू में और भी होने जा रहे कई बड़े फेरबदल

मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने पार्टी की कमान अपने विश्‍वासपात्र आरसीपी सिंह (RCP Singh) को सौंप दी है। लंबे समय से बीमार चल रहे बशिष्‍ठ नारायण सिंह (Bashistha Narayan Singh) की जगह उमेश कुशवाहा (Umesh Kushwaha) को नाया प्रदेश अध्‍यक्ष बनाया गया है। सूत्र बताते हैं कि पार्टी में और भी कई बड़े फेरबदल किए जाने हैं। इसमें सामाजिक व जातीय समीकरणों (Social and caste Equations) का भी ध्‍यान रखा जाएगा। जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने भी बताया कि पार्टी में बड़े पैमाने पर फेरबदल की जाएगी। इसमें काम करने वाले ऊर्जावान व युवा तथा जमीनी पकड़ वाले नेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

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