किसान आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस ने पटना में निकाला राजभवन मार्च, राजा पुल के पास प्रशासन ने रोका

बिहार में राजा पुल के पास प्रदर्शनकारियों को रोकते पुलिस वाले। जागरण

Rajbhawan March of Congress in Patna नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन को साथ देने के लिए बिहार कांग्रेस ने शुकवार को पटना में राजभवन मार्च निकाला। कांग्रेस नेताओं और उनके समर्थकों को पटना के प्रशासन ने राजा पुल के पास आगे बढ़ने से रोक दिया।

Publish Date:Fri, 15 Jan 2021 01:49 PM (IST) Author: Shubh Narayan Pathak

पटना, बिहार ऑनलाइन डेस्‍क। Rajbhawan March: नए कृषि कानूनों के विरोध में देश की राजधानी दिल्‍ली में चल रहे किसान आंदोलन को साथ देने के लिए बिहार कांग्रेस ने शुकवार को पटना में राजभवन मार्च निकाला। गांधी मैदान की तरफ से चले कांग्रेस नेताओं और उनके समर्थकों को पटना के प्रशासन ने राजा पुल के पास आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान प्रशासन को कांग्रेस नेताओं को रोकने के लिए काफी मशक्‍कत करनी पड़ी। कांग्रेस नेता लगातार केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे थे।

किसान आंदोलन को लगातार मिल रहा कांग्रेस का साथ

दिल्‍ली में चल रहे किसान आंदोलन को लगातार कांग्रेस का साथ मिल रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्‍यक्ष मदन मोहन झा के नेतृत्‍व में राजभवन मार्च निकाला गया। कांग्रेस के राजभवन मार्च में बड़ी तादाद में लोग शामिल थे। इसके चलते शहर में ट्रैफिक व्‍यवस्‍था पर भी असर पड़ा। कुछ दिनों पहले वामपंथी संगठनों ने भी किसान आंदोलन के समर्थन में पटना में राजभवन मार्च निकाला था। इस मार्च को रोकने के लिए प्रशासन को लाठीचार्ज तक करना पड़ा था।

आलाकमान के सामने किरकिरी के बाद सम्‍मान बचाने की कोशिश

कांग्रेस के नए राज्‍य प्रभारी भक्‍त चरण दास पिछले दिनों अपने पहले बिहार दौरे पर आए थे। इस दौरान उनके सामने काफी अप्रि‍य स्थिति बन गई। उन्‍होंने प्रदेश कांग्रेस मुख्‍यालय सदाकत आश्रम में लगातार दो दिन बैठक की और दोनों ही दिन बैठक में काफी हंगामा हो गया। बुलावा भेजे जाने पर भी विधानसभा चुनाव में टिकट पाने वाले कई नेता बैठक में नहीं आए। पार्टी के धड़े ने चुनाव में जमकर टिकट बेचे जाने का भी आरोप लगाया। माना जा रहा है आलाकमान के सामने हुई किरक‍िरी के बाद सम्‍मान बचाने के लिहाज से भी कांग्रेस का आज का आंदोलन अहम था।

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