गोपालगंज में नवनिर्वाचित पंचायत समिति सदस्य के पति व चालक को मारी गोली, कार पर की फायरिंग

कार सवार नवनिर्वाचित पंचायत समिति सदस्य मुन्नी खातून के पति सरफराज आलम व चालक पर बाइक सवार अपराधियों ने फायरिंग की। अगली सीट पर बैठे बीडीसी के पति के पेट में एक और चालक के कंधे में एक गोली लग

Akshay PandeyPublish:Sat, 04 Dec 2021 06:59 PM (IST) Updated:Sat, 04 Dec 2021 06:59 PM (IST)
गोपालगंज में नवनिर्वाचित पंचायत समिति सदस्य के पति व चालक को मारी गोली, कार पर की फायरिंग
गोपालगंज में नवनिर्वाचित पंचायत समिति सदस्य के पति व चालक को मारी गोली, कार पर की फायरिंग

जागरण टीम, गोपालगंज : भोरे-मीरगंज मुख्य पथ के श्रीपुर ओपी क्षेत्र के शंकर मोड़ के समीप दोपहर कार सवार नवनिर्वाचित पंचायत समिति सदस्य मुन्नी खातून के पति सरफराज आलम व चालक पर बाइक सवार अपराधियों ने फायरिंग की। अगली सीट पर बैठे बीडीसी के पति के पेट में एक और चालक के कंधे में एक गोली लगने से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को डाक्टरों ने गोरखपुर रेफर कर दिया। सूचना मिलते ही फुलवरिया थाना के अलावा कई थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। सरफराज की पत्नी प्रमुख पद की दावेदार थीं। 

पुलिस के अनुसार फुलवरिया थाना क्षेत्र के पाण्डेय परसा गांव निवासी सरफराज आलम की पत्नी मुन्नी खातून क्षेत्र संख्या आठ से बीडीसी निर्वाचित हुई हैं। शनिवार की दोपहर सरफराज अपनी कार से चालक नजरे के साथ श्रीपुर ओपी स्थित मिस्र बतरहा बाजार की ओर जा रहे थे। कार शंकर मोड़ के समीप पहुंची थी कि बाइक सवार अपराधियों ने घेर कर फायरिंग शुरू कर दी। सरफराज आलम व उनके चालक को गोली लग गई। घटना के बाद आसपास के लोगों ने घायलों को भोरे रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल मेें प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों को गोरखपुर रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही हथुआ एसडीपीओ नरेश कुमार सहित कई पुलिस पदाधिकारी मौके से पहुंचकर मामले की जांच में जुट गए। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। अपराधियों की पहचान में जुटी है। अपराधियों ने सात राउंड फायरिंग की है। |

मीरगंज की तरफ फरार हो गए बदमाश 

गोली मारने के बाद अपराधी मीरगंज की तरफ फायरिंग करते हुए फरार हो गए। इसकी जानकारी मिलते ही एसडीपीओ नरेश कुमार ने मीरगंज थाने की पुलिस को वाहन जांच करने व अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी का निर्देश दिया। हालांकि घंटों वाहन जांच का अभियान चलता रहा। लेकिन अपराधियों का सुराग नहीं मिल सका।