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दीघा पुल के पास मिले सैकड़ों इस्तेमाल पीपीई किट व ग्लव्स

जागरण संवाददाता, पटना : राजधानी में ज्यों-ज्यों कोरोना का शिकंजा कस रहा है लोग लापरवाह होते जा रहे हैं। इसी का एक उदाहरण दीघा क्षेत्र स्थित जयप्रकाश सेतु के पास देखने को मिला। यहां सैकड़ों इस्तेमाल पीपीई किट, ग्लव्स और मास्क फेंके गए थे। स्थानीय लोगों ने कचरा बीनने वालों को उसे बैग में भरते देख संक्रमण की आशंका से पुलिस को सूचना दी। दीघा थाना इंस्पेक्टर ने बताया कि मेडिकल वेस्टेज को उठवाकर आइजीआइएमएस स्थित इंसीनेरेटर में नष्ट करने के लिए भेजा गया। इधर, कुर्जी मुख्य मार्ग पर भी एक इस्तेमाल पीपीई किट पड़ी पाई गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार यहां पर काफी समय से बॉयोमेडिकल वेस्ट पीपीई किट, फेस शील्ड, हैंड ग्लव्स और मास्क के अलावे अन्य सामान फेंके जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आसपास एक-दो नर्सिग होम और दर्जन भर से अधिक क्लीनिक हैं। वहीं इधर, सन्नाटा रहने से रात को कौन यहां मेडिकल वेस्टेज फेंकता है, पता नहीं चल पाता।

अपनी सुरक्षा की धुन में दूसरों के लिए बने खतरा :

दीघा क्षेत्र में कई लोगों के संक्रमित होने के बाद बहुत से लोग धड़ल्ले से मास्क, पीपीई और ग्लव्स आदि का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये लोग भी खुले में जहां-तहां इसे फेंक देते हैं। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है बल्कि जानवर, कचरा बीनने वालों और बारिश से बह कर उधर से गुजरने वालों को कोरोना होने की आशंका काफी बढ़ जाती है।

नष्ट करने के हैं मानक :

डॉक्टरों के अनुसार पीपीई किट, मास्क या ग्लव्स को इस्तेमाल के बाद सोडियम हाइपोक्लोराइट के घोल में डुबो कर विसंक्रमित कर पॉलीबैक में पैक कर मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के तहत इंसीनेरेटेर में नष्ट कराने का प्रावधान है।

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