बिहार पर कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन का खतरा कितना, आज आने वाली यह रिपोर्ट होगी काफी अहम

Bihar Coronavirus Omicron Update देश में कोरोनावायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के कई मामले पाए जाने के बाद बिहार में भी चिंता बढ़ गई है। राज्‍य पर इस वायरस का कितना खतरा है यह आज पता चल जाएगा।

Shubh Narayan PathakTue, 07 Dec 2021 10:12 AM (IST)
ओमिक्रोन वायरस को लेकर अलर्ट हुई बिहार सरकार। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

जागरण संवाददाता, पटना। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन की पहचान के लिए राज्य में 92 कोरोना संक्रमित मरीजों की जीन सीक्वेंसिंग की जा रही है। इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस (आइजीआइएमएस) के माइक्रोबायोलोजी विभाग के जीनोम लैब में परीक्षण किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इसमें अमूमन सभी कोरोना संक्रमित मरीजों की स्थिति नार्मल है। इसमें एक इंग्लैंड से लौटे मोतिहारी के युवक में ओमिक्रोन का संदेह किया जा रहा है। इसकी जांच रिपोर्ट मंगलवार की सुबह आने की संभावना है। दरअसल, जीनाेम सिक्‍वेंसिंग से ही पता चलेगा कि बिहार में मिलने वाले मरीजों में कोरोना का पुराना वैरिएंट ही सक्रिय है, या यहां भी नए वैरिएंट का आगमन हो चुका है। आपको बता दें कि जिन राज्‍यों में नए वैरिएंट की पुष्टि हो गई है, वहां फिर से सख्‍ती बढ़ा दी गई है।

आइजीआइएमएस की माइक्रो बायोलोजी विभागाध्यक्ष डा. नम्रता कुमारी ने बताया कि बीते आठ-10 दिनों से जीनोम लैब में कोरोना संक्रमित मरीजों के सैंपलों की जीन सीक्वेंसिंग की कवायद की जा रही है। इसकी रिपोर्ट सोमवार की देर रात या मंगलवार की सुबह आएगी। इसके लिए प्रक्रिया आरंभ की गई है। उन्होंने बताया कि दूसरे जिलों से सैंपल नहीं आए है। विभिन्न सिविल सर्जन की ओर से डब्ल्यूएचओ को भी सैंपल भेजे जाते हैं, जिसकी रिपोर्ट बाहर की लैब से आती है।

विभिन्न जिलों से संक्रमितों के  आए सैंपलों का किया जा रहा परीक्षण इंग्लैंड से लौटे मोतिहारी के युवक में ओमिक्रोन वैरिएंट की आशंका

एक बार में 92 सैंपलों की ही हो सकती है जांच

विभागाध्यक्ष ने बताया कि जीनोम लैब में ऐसी व्यवस्था है कि कोरोना संक्रमित 92 सैंपल की ही जीन सीक्वेंसी की जा सकती है। इसमें इससे कम या ज्यादा की सैंपल प्रोसेस नहीं किया जा सकता है। एक बार सैंपल को प्रोसेस होने के बाद इसमें आठ-10 दिनों में रिपोर्ट आने की संभावना होती है। एक बार सैंपल को प्रोसेस करने में लगभग आठ-10 लाख रुपये खर्च आते हैं।

रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी राज्य में ओमिक्रोन की स्थिति

चिकित्सा अधीक्षक डा. मनीष मंडल ने बताया कि आइजीआइएमएस के जीनोम लैब में सीक्वेंङ्क्षसग की कवायद प्रक्रियाधीन है। सीक्वेंसिंग के रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि राज्य में ओमिक्रोन का प्रवेश हुआ है या नहीं।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.