पटना के गुलजारबाग स्‍टेडियम में होगी खिलाडि़यों की धमाचौकड़ी, 70 लाख रुपए से हो रही मरम्‍मत

स्टेडियम भवन अभी कला संस्कृति विभाग एवं युवा विभाग के सुपुर्द भी नहीं हो सका है। नवनिर्मित स्टेडियम के भूतल और प्रथम तल के भवन की दीवारों पर दर्जनों जगह दरारें पड़ गई हैं। खिलाड़ी से लेकर खेलप्रेमी तक हर दिन स्टेडियम आकर निराश लौट रहे हैं।

Shubh Narayan PathakFri, 18 Jun 2021 05:29 PM (IST)
पटना के गुलजारबाग स्‍टेडियम में जल्‍द लौटेगी रौनक। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

पटना सिटी, अहमद रजा हाशमी। पटना के सिटी इलाके में गायघाट से करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर पूरब की ओर अशोक राजपथ किनारे स्थित जिस गुलजारबाग स्टेडियम का उद्घाटन 17 अप्रैल 2018 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था, उसमें जल्द ही जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता शुरू होगी। 70 लाख रुपये से इस स्टेडियम को खेल व खिलाडिय़ों के अनुकूल तैयार करने का काम शुरू हो गया है। फुटबाल मैदान में मखमली हरी घांस लगाई जा रही है। कई खेलों का आयोजन एक साथ होगा। विकास कार्य इसी माह पूरा होने की उम्मीद है।

जानकारी के अनुसार, स्टेडियम भवन अभी कला संस्कृति विभाग एवं युवा विभाग के सुपुर्द भी नहीं हो सका है। नवनिर्मित स्टेडियम के भूतल और प्रथम तल के भवन की दीवारों पर दर्जनों जगह दरारें पड़ गई हैं। खिलाड़ी से लेकर खेलप्रेमी तक हर दिन स्टेडियम आकर निराश लौट रहे हैं। स्टेडियम में मौजूद स्थानीय खिलाड़ी रोहित, विकास, बुधराम, प्रणवजीत, आदित्य, हैप्पी आदि ने खेल और खिलाडिय़ों के अनुकूल स्टेडियम को जल्द तैयार किए जाने की मांग मुख्यमंत्री एवं कला संस्कृति विभाग से किया। उन्होंने कहा कि इस स्टेडियम में फुटबाल, वालीबाल, जिमनास्टिक, कैरम, बैडमिंटन, टेबल टेनिस आदि की जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जानी चाहिए।

फुटबाल मैदान पर बिछेगी हरी दूब, पवेलियन पर शेड और लाइट

गुलजारबाग स्टेडियम के फुटबॉल मैदान में गोबर से साथ मिट्टी डाली गई है। भवन निर्माण विभाग के अभियंता विनोद चंद्रा ने बताया कि 70 लाख रुपये से विकास कार्य जारी है। 63 लाख से मैदान में हरी दूब उगाई जाएगी। पवेलियन पर शेड का निर्माण किया जा रहा है। मैदान के चारो ओर एलईडी लाइट लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि बास्केट बॉल का कोर्ट तैयार है। जिम्नास्टिक और जूडो के लिए मैट उपलब्ध कराया जाएगा।

स्टेडियम में झूला लगाने पर उठे सवाल

फुटबाल स्टेडियम में ही छोटे बच्चों के लिए कई तरह के झूले लगाने की योजना पर खिलाडिय़ों एवं खेल प्रेमियों ने सवाल खड़े किए हैं। इनका कहना है कि इससे खेल मैदान की उपयोगिता प्रभावित होगी। खेल के दौरान छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहेगी। स्टेडियम के प्रवेश द्वार के बगल में बच्चों के लिए झूला लगाने की बात कही है। वहीं, विभागीय अभियंता का कहना है कि स्टेडियम में झूला लगाने पर अंतिम निर्णय सभी की सहमति और सुरक्षा को ध्यान में रख कर ही लिया जाएगा।

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