थर्ड डिवीजन वाले मास्‍टर साहब पर प्राथमिकी दर्ज, बक्‍सर में तीन शिक्षकों के प्रमाणपत्र निकले फर्जी

Buxar Teacher News बक्सर में तीन और शिक्षकों पर गिरी निगरानी की गाज औद्योगिक थाना में एक सिमरी में दो नियोजित शिक्षकों पर निगरानी विभाग ने दर्ज कराई प्राथमिकी फर्जी सर्टिफिकेट पर कर रहे थे शिक्षक की नौकरी जांच में हुआ फर्जीवाड़े का भंडाफोड़

Shubh Narayan PathakFri, 08 Oct 2021 10:35 AM (IST)
बक्‍सर में गई तीन शिक्षकों की नौकरी। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

बक्सर, जागरण संवाददाता। पटना हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश के आलोक में चल रही नियोजित शिक्षकों की फर्जीवाड़े की जांच में तीन और शिक्षकों पर निगरानी विभाग की गाज गिरी है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पुलिस निरीक्षक ने इस मामले में तीनों शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। इनमें एक मामला औद्योगिक थाना क्षेत्र का है तो दो अन्य मामले सिमरी थाना क्षेत्र से संबंधित हैं। इनकी प्राथमिकी संबंधित थाना क्षेत्रों में दर्ज कराई गई है। इससे जिले में फर्जी सर्टिफिकेट पर नौकरी कर रहे शिक्षकों में हड़कंप मचा है।

मैट्रि‍क पास का प्रमाणपत्र ही पाया गया फर्जी

इसके अंतर्गत औद्योगिक थाना क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय कोठिया के शिक्षक अजय कुमार पिता राजकुमार ङ्क्षसह पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इनका नियोजन वर्ष 2003 में हुआ था। इसके लिए नियोजित पंचायत शिक्षक ने वर्ष 2003 में ग्राम पंचायत सोनवर्षा में आवेदन दिया था। उनका नियोजन मैट्रिक के अंक पत्र के आधार पर हुआ है लेकिन वह मैट्रिक के जिस अक प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रहे हैं वह फर्जी है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने सत्यापन के बाद उक्त प्रमाण पत्र को फर्जी करार दिया है।

थर्ड डिवीजन वाले बन गए सेकेंड डिवीजन

वह जिस अंक प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रहे हैं उसमें उन्होंने द्वितीय श्रेणी से पास होना दर्शाया है जबकि, वास्तव में उस रोल नंबर पर 355 अंक एवं तृतीय श्रेणी दर्ज है। ऐसे में निगरानी विभाग ने संबंधित शिक्षक पर प्राथमिकी दर्ज कराते हुए इस अवैध नियोजन को संज्ञेय अपराध की संज्ञा दी है तथा इस अवैध नियोजन में अन्य अज्ञात व्यक्तियों की भी संलिप्तता के संबंध में अनुसंधान की आवश्यकता जताई है।

यहां तो सीधे थर्ड से फर्स्‍ट हो गए मास्‍टर साहब

दूसरा मामला सिमरी थाना क्षेत्र के मध्य विद्यालय गायघाट से जुड़ा हुआ है। वर्ष 2014 में प्रखंड शिक्षक के तौर पर मध्य विद्यालय गायघाट में बहाल नियोजित प्रखंड शिक्षक रितेश कुमार पाठक पिता नागेन्द्र नाथ पाठक की बहाली भी फर्जी है। अजय कुमार सिंह की तरह उन्होंने प्रथम श्रेणी से मैट्रिक उत्तीर्ण होने का प्रमाणपत्र नियोजन के दौरान दिया था जबकि, वास्तव में वह तृतीय श्रेणी से मैट्रिक पास हैं। निगरानी विभाग ने संबंधित शिक्षक पर प्राथमिकी दर्ज कराते हुए इस अवैध नियोजन को संज्ञेय अपराध की संज्ञा दी है तथा इस अवैध नियोजन में अन्य अज्ञात व्यक्तियों की भी संलिप्तता के संबंध में अनुसंधान की आवश्यकता जताई है।

मैट्रिक और इंटर दोनों का सर्टिफिकेट फर्जी

इसी तरह तीसरा मामला भी नियोजित पंचायत शिक्षिका किरण कुमारी पिता रामेश्वर चौधरी से संबंधित है। नियोजित पंचायत शिक्षिका किरण कुमारी की बहाली भी वर्ष 2014 में हुई थी। उनकी बहाली ग्राम पंचायत काजीपुर में हुई थी और वर्तमान में वह प्राथमिक विद्यालय अनुसूचित बस्ती काजीपुर में पदस्थापित हैं। इन्होंने मैट्रिक ही नहीं अपितु इंटर के मार्कशीट में भी हेराफेरी की है। थाने में एफआईआर के लिए दिए गए आवेदन में निगरानी विभाग ने लिखा है कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा किए गए सत्यापन में बताया गया है कि जिस रोल नंबर का मार्कशीट उन्होंने दिया है उसमें गोपाल प्रसाद पिता गर्जन ठाकुर दर्ज है।

 

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