दुल्‍हन के कमरे की तलाशी के दौरान महिला पुलिस का रहना जरूरी नहीं, जानिए तेजस्‍वी यादव ने क्‍यों कही यह बात

बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र (Winter Session of the Assembly) काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं। सत्र से ठीक पहले प्रतिपक्ष के नेता तेजस्‍वी यादव (Tejashwi Yadav) ने इसके संकेत भी दिए हैं। उन्‍होंने शराबबंदी से लेकर शिक्षक बहाली तक के मुद्दे पर सरकार को घेरा है।

Vyas ChandraMon, 29 Nov 2021 10:54 AM (IST)
शिक्षक अभ्‍यर्थियों कीसमस्‍याएं सुनते तेजस्‍वी यादव। साभार-ट्व‍िटर

पटना, आनलाइन डेस्‍क। बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र (Winter Session of the Assembly) काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं। सत्र से ठीक पहले प्रतिपक्ष के नेता तेजस्‍वी यादव (Tejashwi Yadav) ने इसके संकेत भी दिए हैं। उन्‍होंने शराबबंदी से लेकर शिक्षक बहाली तक के मुद्दे पर सरकार को घेरा है। सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) पर भी तंज कसा है। रविवार रात वे आंदोलनकारी शिक्षक अभ्‍यर्थियों से मिले। कह दिया कि हम शिक्षक अभ्‍यर्थियों की मांगों और उनके आंदोलन के साथ हैं। तेजस्‍वी ने कहा है कि मुख्‍यमंत्री के आदेशानुसार पुरुष पुलिसकर्मी महिलाओं और उनके कपड़ों और कमरों, यहां तक कि दुल्‍हन तक की तलाशी ले सकते हैं।

बिहार बन चुका है पुलिस स्‍टेट

ट्वीट करते हुए तेजस्‍वी ने लिखा है कि आज से ठीक चार वर्ष पूर्व इसी समय शराब पहले से अधिक बिक रही है। अधिक लोग पी और मर रहे हैं। बिहार पुलिस स्‍टेट बन चुका है। मुख्‍यमंत्री के आदेशानुसार पुरुष पुलिसकर्मी महिलाओं और दुल्‍हन, उनके कपड़ों और कमरों की तलाशी ले सकते हैं। ऐसा करने पर महिला पुलिस कर्मियों का रहना अनिवार्य नहीं है। इसके साथ ही तेजस्‍वी ने 2017 में किए गए ट्वीट को रिट्वीट किया है। उसमें सीएम नीतीश कुमार के बयान, मेरे जिंदा रहते बिहार में नहीं बिकेगी शराब को कोट करते हुए उन्‍होंने लिखा था कि सरेआम बिक रही है साहब।  कल ही शराब माफिया ने जो अत्‍याधुनिक हथियारों से लैस थे, मुठभेड़ में बिहार पुलिस के जवान को शहीद कर दिया है। कहां हैं आप, कहां से आ रही है शराब।  

शुरू से हैं शिक्षक अभ्‍यर्थियों की मांगों के साथ 

रविवार रात नियुक्ति की मांग कर रहे शिक्षक अभ्‍यर्थियों से भी तेजस्‍वी ने मुलाकात की। इस संबंध में फोटो भी उन्‍होंने पोस्‍ट किया है। लिखा है कि कल रात नीतीश सरकार से नियुक्ति की मांग कर रहे शिक्षक अभ्‍यर्थियों से मुलाकात हुई। बिहार में तीन लाख से अधिक शिक्षकों के पद रिक्‍त हैं। बिहार की एनडीए सरकार ने वर्षों से 94 हजार शिक्षकों की नियुक्ति को अकारण लटका रखा है। शुरू से ही हम शिक्षक अभ्‍यर्थियों की मांगों और आंदेालन के साथ हैं।  

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