बिहार में दीपावली पर टूटा गृहप्रवेश का सपना, 650 फ्लैटों और हजारों दुकानों के उद्घाटन पर बालू का ग्रहण

कामर्शियल कांप्लेक्सों में दुकानों की ओपेनिंग के लिए शुभ घड़ी देखी जा रही थी। बालू ने सबका सपना बिखेर दिया है। पटना और आसपास के इलाके में 500 जबकि पूरे बिहार में 650 फ्लैटों को बिल्डर दीपावली पर हैंडओवर करने वाले थे।

Akshay PandeyThu, 28 Oct 2021 04:46 PM (IST)
दीपावली पर अपने घर का सपना टूट जाएगी। सांकेतिक तस्वीर।

दिलीप ओझा, पटना। दीपावली पर हजारों लोग गृहप्रवेश करने की तैयारी में थे। कामर्शियल कांप्लेक्सों में दुकानों की ओपेनिंग के लिए शुभ घड़ी देखी जा रही थी। बालू ने सबका सपना बिखेर दिया है। पटना और आसपास के इलाके में 500 जबकि पूरे बिहार में 650 फ्लैटों को बिल्डर दीपावली पर हैंडओवर करने वाले थे, लेकिन वे नहीं कर सके हैं। बालू की किल्लत से बिल्डर प्रोजेक्ट ही पूरा नहीं कर सके हैं। इसके अलावा खुद का मकान बनवा रहे लोगों की संख्या भी हजारों में है। इन्हें भी दीपावली पर अपना घर नहीं मिल सका है। 

दीपावली पर शुभ मुहूर्त में गृहप्रवेश का हजारों लोगों का सपना टूट गया है। क्रेडाई के बिहार अध्यक्ष मणिकांत ने कहा कि पटना और आसपास के क्षेत्रों में चल रहे प्रोजेक्ट के तहत दीपावली पर करीब 500 फ्लैटों को हैंडओवर करना था, यह नहीं हो सका है। बिहार भर में यह संख्या लगभग 650 है। उन्होंने कहा कि कुल भवन निर्माण में 40 प्रतिशत ही बिल्डर बनाते हैं, शेष 60 प्रतिशत लोग खुद निर्माण करते हैं। इस तरह से देखें तो बिल्डरों के अलावा शहरों और गांवों में खुद का मकान बनाने वाले लोगों की संख्या भी हजारों में है।

रेट गिरने का इंतजार

दीपावली पर गृहप्रवेश का उनका सपना भी पूरा नहीं हो सकेगा। ठेकेदार गणेश ने कहा कि बालू का रेट अभी भी 10,500 रुपये ट्राली चल रहा है। मकान बनाने वाले लोगों ने काम बंद कर दिया है। रेट गिरने का इंतजार कर रहे हैं। वे अब अगले साल ही गृहप्रवेश कर पाएंगे। मकान बनवा रहे अशोक नगर के अविनाश कुमार ने कहा कि दीपावली पर गृह प्रवेश करना था लेकिन बालू की किल्लत के कारण मकान का काम बंद है। अब अगले साल ही गृहप्रवेश कर सकूंगा।

कामर्शियल कांप्लेक्स का कार्य भी बालू की वजह से है बंद 


बिल्डर एसोसिएशन आफ इंडिया के पूर्व बिहार अध्यक्ष एनके ठाकुर ने कहा कि फ्लैटों के अलावा कामर्शियल कांप्लेक्स का कार्य भी बालू की वजह से बंद है। इससे हजारों दुकानों की ओपेनिंग भी दीपावली पर नहीं हो सकी है। ऐसी दुकानों की संख्या बिहार में 1000 से भी अधिक है। 

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