बिहार में सस्ते घर का सपना होगा साकार, आवास बोर्ड की जमीन पर तैयार होंगे किफायती आवास

बिहार में आवास बोर्ड की जमीन का सर्वे पूरा कर लिया गया है। इन भूखंडों पर किफायती आवास बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। योजना के तहत राज्य के बड़े नगर निकायों में शहरी गरीबों के लिए किफायती आवास का निर्माण किया जाना है।

Akshay PandeyMon, 02 Aug 2021 09:52 PM (IST)
बिहार में सस्ते घर का सपना साकार होगा। प्रतीकात्मक तस्वीर।

राज्य ब्यूरो, पटना : उप मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राज्य में आवास बोर्ड की जमीन का सर्वे पूरा कर लिया गया है। इन भूखंडों पर किफायती आवास बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। योजना के तहत राज्य के बड़े नगर निकायों में शहरी गरीबों के लिए किफायती आवास का निर्माण किया जाना है। 

बिहार राज्य आवास बोर्ड को जून में ही खाली पड़े भूखंडों का सर्वे पूरा करने का निर्देश दिया गया था। सर्वे की रिपोर्ट के बाद अब किस शहर में किस तरह के आवास बनाए जा सकते हैं, इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद इससे जुड़ी समीक्षा बैठक करेंगे। प्रेजेंटेशन के बाद योजनाओं के डीपीआर पर फाइनल स्वीकृति दी जाएगी।

पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर में होना है निर्माण

योजना के तहत पटना, गया, भागलपुर व मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में आवास का निर्माण होना है। इसके लिए सात बड़ी योजनाओं के माध्यम से करीब 27 हजार फ्लैटों का डीपीआर नए सिरे से तैयार किया गया है। पटना के बहादुरपुर के सेक्टर पांच के 10.10 एकड़ भूखंड में 1596 आवासीय फ्लैट के निर्माण होना है। लोहियानगर के सेक्टर पांच में 1.71 एकड़ भूखंड में व्यावसायिक प्रतिष्ठान बनाने का प्रस्ताव है। लोहिया नगर के 32.35 एकड़ भूमि में 2488 फ्लैटों का डीपीआर तैयार किया गया है। बहादुरपुर की पुरानी योजनाओं के स्थान पर 74.41 एकड़ भूखंड में 8454 फ्लैटों के निर्माण का प्रस्ताव है। भागलपुर के बरारी में 272 फ्लैटों का निर्माण किया जाना है। मुजफ्फरपुर के दामोदरपुर में 21.75 एकड़ में 1496 फ्लैट, गया के कटारी एवं मुस्तफाबाद में पुरानी योजनाओं के स्थान पर 125 एकड़ में 12,696 फ्लैट का निर्माण होना है। 

आवंटन की प्रक्रिया होगी सुगम

आवास बोर्ड की ओर से आवंटित होने वाले फ्लैटों व भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया भी सरल बनाई जाएगी। बोर्ड इसके लिए भी प्रारूप तैयार कर रहा है। आवंटन होने वाले भूखंडों का सर्वे भी पूरा किया गया है। विभागीय स्तर पर स्वीकृति के बाद इसकी भी प्रक्रिया शुरू की जायेगी। गौरतलब है कि बोर्ड के सभी आठ प्रशासनिक डिवीजन के अंतर्गत क्रियान्वित योजनाओं की समीक्षा की जा रही है। आवास बोर्ड की अतिक्रमण की गई संपत्तियों को मुक्त कराने के लिए ठोस समाधान की रूपरेखा तैयार हो रही है। 

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