पटना में जगह-जगह जानलेवा गड्ढे, लोगों के लिए सड़क पर चलना हुआ मुश्किल

नमामि गंगे (नेशनल मिशन क्लीन गंगा) के तहत पटना में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और सीवरेज नेटवर्क बिछाने के कारण शहर में जगह-जगह गड्ढ़े बने हुए हैं। बारिश होने के बाद लोग भय से घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। बड़े दुर्घटना का भय बना रहता है।

Sumita JaiswalSun, 06 Jun 2021 07:17 AM (IST)
शहर में जगह-जगह गड्ढ़े बने हुए हैं, सांकेतिक तस्‍वीर ।

पटना, मृत्युंजय मानी। नमामि गंगे (नेशनल मिशन क्लीन गंगा) के तहत पटना में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और सीवरेज नेटवर्क बिछाने के कारण शहर में जगह-जगह गड्ढ़े बने हुए हैं। जगह-जगह कार्य चल रहे हैं। राजधानीवासियों का चलना मुश्किल हो गया है। बारिश होने के बाद लोग भय से घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। शहर के मोहल्ले की गलियों में भी गडढ़े की खुदाई करके री-स्टोर नहीं किया गया है। बराबर करके छोडऩे के कारण मिट्टी धंस गई है।

पटना में 3500 करोड़ की लागत से दीघा, बेऊर, सैदपुर, कंकड़बाग, पहाड़ी एवं करमलीचक में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बिछाकर शहर के सभी क्षेत्रों में नेटवर्क बिछाकर जोडऩे का कार्य चल रहा है। अब तक एक भी परियोजना पूर्ण नहीं हो पाई है। 981 किमी लंबे सीवरेज नेटवर्क में 513 किमी सीवरेज नेटवर्क बिछाने का कार्य पूर्ण हो पाया है। 468 किमी लंबा सीवरेज नेटवर्क बिछाने का कार्य रह गया है। दिसंबर 2021 तक सभी कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य है।

सावधानी हटते ही घट जाती है दुर्घटना

बेउर और कर्मलीचक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का शुभारंभ हो चुका है, लेकिन इसका सीवरेज नेटवर्क अब तक पूर्ण नहीं हो सका है। मार्च 2020 तक दोनों परियोजना का कार्य पूर्ण हो जाना था। बेउर सीवरेज नेटवर्क 180 किमी लंबा है। अब तक 145 किमी तक बिछ पाया है। 35 किमी लंबा नेटवर्क बिछाना शेष है। 96 किमी लंबा कर्मचीचक सीवरेज नेटवर्क में से 15 किमी बिछने का कार्य रह गया है। इस क्षेत्र के अनीसाबाद और बेउर के आसपास के मोहल्ले के लोग गड्ढ़े के कारण परेशान हो गए हैं। सावधानी हटते ही दुर्घटना घट जाती है। घर-घर से पानी निकलने का कनेक्शन तक नहीं हुआ है।

सैदपुर और पहाड़ी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनकर तैयार

सैदपुर और पहाड़ी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनकर तैयार है। सैदपुर सीवरेज नेटवर्क के 162 में से 101 किमी में विस्तार हो सका है। पहाड़ी सीवरेज नेटवर्क फोर लगभग पूरा हो चुका है। 90 किमी लंबा नेटवर्क में सिर्फ एक किमी का कार्य रह गया है। पहाड़ी फाइव नेटवर्क 116 में सिर्फ 61 किमी ही हो सका है। दिसंबर 2021 तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य है।

दीघा और कंकड़बाग सीवरेज नेटवर्क बिछाने के कार्य में तेजी

दीघा और कंकड़बाग सीवरेज नेटवर्क बिछाने के कार्य में तेजी आ गई है। दीघा सीवरेज नेटवर्क के तहत 303 किमी लंबी लाइन बिछनी है। इसमें से 30 किमी नेटवर्क बिछाने का कार्य पूर्ण हो गया है। 273 किमी लंबा नेटवर्क बिछने का कार्य रह गया है। दीघा सीवरेज नेटवर्क बिछाने के क्रम में पाटिलपुत्र कॉलोनी, नेहरूनगर, एसके नगर, किदवईपुरी, राजीवन नगर सहित कई मोहल्ले में चलना मुश्किल हो गया है।

कंकड़बाग सीवरेज नेटवर्क 150 किमी लंबा, छह किमी ही बिछा

कंकड़बाग सीवरेज नेटवर्क 150 किमी लंबा है। अब तक छह किमी नेटवर्क ही बिछ सका है। 143 किमी नेटवर्क बिछाना है। कंकड़बाग और दीघा सीवरेज नेटवर्क के कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य 2021 के अंत तक का है।

फ्रेजर रोड में 10 तक कार्य पूर्ण का लक्ष्य

बुडको अपने सभी अधूरे कार्य को दस जून तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा है। कार्य में तेजी आ गई है। प्रेमचंद गोलंबर से बहादुरपुर ओवर ब्रिज मार्ग, प्रेमचंद-दीनकर गोलंबर रोड, बाजार समिति रोड, अशोक राजपथ, बुद्ध मार्ग सहित कई सड़कों में निर्माण कार्य पूर्ण कर बुडको ने पथ निर्माण विभाग को कार्य करने का आग्रह किया है। पथ निर्माण विभाग को 15 जून तक पथों के मरम्मत कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य दिया गया है।

बुडको ने निर्माण कार्य किया बंद

बुडकों ने सीवरेज नेटवर्क विस्तार का कार्य बंद कर दिया है। 10 जून तक सभी खुदाई को री-स्टोर करने का लक्ष्य रखा गया है।

सीवरेज नेटवर्क की स्थिति

-303 किलोमीटर लंबाई है दीघा सीवरेज नेटवर्क की, 30 किमी पूर्ण, 100 एमएलडी क्षमता है एसटीपी की

-150 किमी लंबा है कंकड़बाग सीवरेज नेटवर्क, छह किमी पूर्ण, 50 एमएलडी क्षमता है एसटीपी की

-96 किमी लंबाई है करमलीचक  सीवरेज नेटवर्क की, पूर्ण हुआ 81 किमी, एसटीपी की क्षमता 37 एमएलडी

-162 किमी लंबाई है सैदपुर सीवरेज नेटवर्क की, पूर्ण हुआ 101 किमी, 60 एमएलडी एसटीपी की क्षमता  

-180 किमी लंबाई है बेउर सीवरेज नेटवर्क की, पूर्ण हुआ 145 किमी, 43 एमएलडी एसटीपी की क्षमता

-90 किमी लंबाई है पहाड़ी फेज फोर सीवरेज नेटवर्क की, पूर्ण हुआ 89 किमी,

-116 किमी लंबाई है पहाड़ी फेज फाइव सीवरेज नेटवर्क की, पूर्ण हुआ 61 किमी,  एसटीपी की क्षमता 60 एमएलडी

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