कोसी एक्सप्रेस में भीषण डकैती, डकैतों ने यात्रियों की जमकर की पिटाई, फायरिंग

पटना [जेएनएन]। बंकाघाट से पटना साहिब स्टेशन के बीच रात लगभग 9:20 बजे डकैतों ने डाउन कोसी एक्सप्रेस पर धावा बोल दिया और जमकर लूटपाट की। इस दौरान डकैतों ने यात्रियों की जमकर पिटाई की और फायरिंग करते हुए भाग गए। घटना कल देर रात की है।

सोमवार की रात दो दर्जन से अधिक बदमाशों ने ट्रेन की एसी बोगी को छोड़कर सात-आठ जनरल डिब्बे को निशाना बनाया और यात्रियों के साथ मारपीट कर जेवर, नकदी, मोबाइल लूट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद डकैत हवाई फायरिंग करते हुए ट्रेन को वैक्यूम कर फरार हो गए।

बता दें कि पूर्णिया से पटना आ रही कोसी एक्सप्रेस दस घंटे देरी से चल रही थी। ट्रेन में एस्कॉर्ट पार्टी नहीं थी। बख्तियारपुर स्टेशन से ट्रेन ने रफ्तार पकड़ी, लेकिन करौटा हॉल्ट पर चेन पुलिंग कर दी गई। इसी दरम्यान दर्जनभर अपराधी ट्रेन में सवार हो गए। फतुहा स्टेशन से ट्रेन आगे बंकाघाट होकर दीदारगंज के पास पहुंचने वाली थी कि दोबारा चेन पुलिंग की गई।

ट्रेन के रुकते ही डकैतों ने जनरल बोगियों पर धावा बोल दिया। सभी डकैतों के चेहरे रूमाल से ढके थे। हाथ में पिस्तौल थी। डकैतों ने मारपीट कर यात्रियों से लूटपाट की। पिटाई से एक यात्री का सिर फट गया, जबकि आधा दर्जन यात्री मामूली रूप से घायल हो गए। 20 मिनट तक डकैतों ने सात-आठ बोगियों में लूटपाट की। इसके बाद वे फायरिंग करते हुए फरार हो गए।

इस दौरान ट्रेन पर रोड़ेबाजी भी की गई। जान बचाने को कई यात्री सीटों के नीचे घुस गए। पटना साहिब स्टेशन पर ट्रेन रुकने के बाद यात्री हंगामा करने लगे। जीआरपी में उन्होंने शिकायत दर्ज कराई। पटना जंक्शन पर भी यात्रियों ने हंगामा किया।

सुनियोजित थी डकैती, नाव में बैठकर आए थे डकैत

कोसी एक्सप्रेस में डकैती की घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। यात्रियों के मुताबिक बख्तियारपुर में ही दर्जनभर बदमाश विभिन्न बोगियों में बैठ गए थे। फतुहा से ट्रेन खुलने के पांच मिनट बाद नदी के पुल पर पहुंचते ही बदमाशों ने चेन खींच दी। जब तक यात्री कुछ समझ पाते, तब तक तीन-चार नाव पुल के पास आ गई। उसमें सवार डेढ़ दर्जन बदमाश अलग-अलग बोगियों में चढ़ गए और लूटपाट शुरू कर दी।

यह कहना है आदित्य शंकर का, जो बेगूसराय से गया जाने के लिए कोसी एक्सप्रेस की जनरल बोगी से सफर कर रहा था। डकैतों ने उससे मोबाइल और नकदी लूट ली। एक बदमाश ने भागने के क्रम में उसपर गोली भी चलाई थी, जो उसकी कमर के बगल से निकल गई और वह बाल-बाल बच गया।

अभी समय सही नहीं है..

मधेपुरा का रामू कुमार बोकरो जाने के लिए पांच-सात दोस्तों के साथ कोसी एक्सप्रेस से सफर कर रहा था। वह एसी बोगी के बाद वाले जनरल डिब्बे में बैठा था। उसकी मानें तो बख्तियारपुर जंक्शन से ट्रेन में दर्जनभर युवक सवार हुए थे, जिनकी हरकतें संदिग्ध लग रही थी। जगह मिलने के बावजूद वे नहीं बैठे। कुछ देर बाद सभी अलग-अलग बोगियों में चले गए।

उसकी बोगी में जो बै ठा था, वह लगातार किसी से फोन पर बात कर रहा था और कह रहा था कि अभी समय सही नहीं है। डकैतों के साथ वह लड़का भी उसकी बोगी से उतर गया, तब मालूम हुआ कि वह उनका साथी था।

लोको पायलट पर तानी पिस्तौल

गणोश के मुताबिक चेन पुलिंग के बाद ट्रेन खड़ी होते ही असिस्टेंट लोको पायलट उतरकर इधर-उधर देख रहा था कि दो बदमाशों ने उसे पकड़ लिया और कनपटी पर पिस्तौल तान दी। गार्ड ने झांककर देखा तो उसपर दो राउंड फायरिंग की, जिसके बाद गार्ड अपने डिब्बे में दुबक गया और अंदर से गेट बंद कर दिया।

रेल एसपी अशोक कुमार सिंह ने कहा कि डकैतों की उम्र 18 से 20 वर्ष के बीच है। धावा दल का गठन कर छापेमारी जारी है

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