top menutop menutop menu

बिहार के पौने चार लाख कांट्रैक्‍ट शिक्षक ध्‍यान दें- CM नीतीश कुमार ने दिया बड़ा तोहफा, जानिए

बिहार के पौने चार लाख कांट्रैक्‍ट शिक्षक ध्‍यान दें- CM नीतीश कुमार ने दिया बड़ा तोहफा, जानिए
Publish Date:Thu, 13 Aug 2020 10:43 PM (IST) Author: Amit Alok

पटना, स्‍टेट ब्‍यूरो। बिहार में कॉन्ट्रैक्‍ट पर बहाल (नियाेजित) पौने चार लाख शिक्षकों के हित में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार उनके पदनाम से 'नियोजित' शब्द को हटाने जा रही है। इसका प्रावधान शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए तैयार सेवा शर्त नियमावली में किया है। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री शिक्षकों की सेवा शर्त के संबंध में बड़ी घोषणा की। हालांकि, सरकार के फैसले से शिक्षक संघ असंतुष्ट है। उन्‍होंने सरकार पर नियोजित शिक्षकों को लॉलीपॉप देने का आरोप लगाया है।

पांच सितंबर से लागू हो सकतीं सेवा शर्तें

सरकार के इस कदम को विधानसभा चुनाव से पहले नाराज नियोजित शिक्षकों को मनाने का कदम भी माना जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि शिक्षक दिवस के अवसर पर पांच सितम्बर तक सरकार शिक्षकों को यह तोहफा दे सकती है। इसकी घोषणा 15 अगस्त को मुख्‍यमंत्री ने की। शिक्षा विभाग के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि शिक्षकों के लिए सेवा शर्त नियमावली को अंतिम रुप दे दिया गया है।

वेतन व सुविधाओं के मिलेंगे लाभ

शिक्षकों की सेवा शर्तों में ऐच्छिक स्थानांतरण, प्रोन्नति का लाभ और सेवा निरतंरता जैसे महत्वपूर्ण बिन्दुओं को शामिल किया गया है। शिक्षकों की वेतन बढ़ोत्तरी समेत अन्य मांगें भी इसमें शामिल हैं। सेवा शर्त लागू होने के बाद पौने चार लाख शिक्षक राज्‍य में कहीं भी ऐच्छिक स्थानांतरण करा सकेंगे। उन्‍हें ईपीएफ और प्रमोशन भी मिलेगा। इसके अलावा सरकार अनुकम्पा के इंतजार में बैठे आश्रितों को भी लाभ देने जा रही है।

सरकार के फैसले से शिक्षक संघ संतुष्ट नहीं

हालांकि, सरकार के फैसले से शिक्षक संघ संतुष्ट नहीं है। शिक्षक नेता मार्कण्डेय पाठक, अश्विनी पाण्डेय, आनंद कौशल, अभिषेक कुमार, पंकज कुमार आदि ने कहा है कि केवल नाम बदल देना ढकोसला है। सरकार को चुनाव से पहले समान वेतनमान, सहायक शिक्षक का दर्जा और सम्मानजनक वेतन वृद्धि देनी चाहिए। शिक्षक नेता सरकार पर नियोजित शिक्षकों को लॉलीपॉप देने का आरोप लगा रहे हैं।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.