राहुल गांधी के बांटने वाले बयान पर बिहार के कांग्रेसियों ने डाला पर्दा, पार्टी बोली-भावनाओं को समझें

कांग्रेस नेता राहुल गांधी। दैनिक जागरण आर्काइव। -

तिरुवनंतपुरम में सभा को संबोधित करते हुए दिए गए राहुल गांधी के बयान पर बिहार के कांग्रेसियों ने पर्दा डालने का प्रयास किया है। केरल में तीन दिन पहले दिए गए बयान को सबने अपने-अपने तरीके से परिभाषित किया है।

Akshay PandeySat, 27 Feb 2021 09:43 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, पटना। भारतीयों के उत्तर-दक्षिण में बांटने वाले राहुल गांधी के बयान पर बिहार के कांग्रेसियों ने पर्दा डालने का प्रयास किया है। केरल में तीन दिन पहले दिए गए बयान को सबने अपने-अपने तरीके से परिभाषित किया है। कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजीत शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी के संदेश न समझने वाले लोग ही उनपर देश को बांटने का आरोप लगा रहे हैं। राहुल गांधी को घेरने की कोशिश करने वालों को पहले उनकी भावना को समझना चाहिए। 

विरोधी नासमझआ हैंः अजीत शर्मा

अजीत शर्मा ने कांग्रेस के विरोधियों को नासमझ बताया और राहुल गांधी के कहने का मतलब भी बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत शिक्षा के मामले में दक्षिण भारत की तुलना थोड़ा पीछे है। क्योंकि प्रदेश सरकारों का ध्यान शिक्षा स्तर को ऊपर उठाने में है ही नहीं। उत्तर भारत के कई राज्यों की सरकारें लोगों को गैरजरूरी मुद्दों में उलझा कर रखना चाहती हैं। अजीत ने कहा कि केरल की साक्षरता दर सौ फीसद है, जबकि बिहार, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश की सरकारों को अपने-अपने राज्यों की साक्षरता दर का आकलन खुद कर लेना चाहिए। 

उत्तर भारत में हमेशा से जाति आधार पर राजनीतिः कौकब 

कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष कौकब कादरी ने राहुल के बयान को जाति से जोड़ा। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत में हमेशा से जाति के आधार पर राजनीति होती रही है। वहीं, दक्षिण के राज्यों का फोकस शिक्षा पर रहता है। भाजपा के जो लोग राहुल के बयान पर राजनीति चमकाना चाहते हैं, उन्हें एक बार गिरेबान में झांक लेना चाहिए। 

देश तोड़ने वाली ताकतों को ऐतराजः मदन मोहन झा

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा ने राहुल के बयान पर प्रतिक्रिया देने की बजाय भाजपा पर हमलावर हो गए। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद समाज को बांटने की राजनीति करते हैं, वे ही राहुल गांधी के बयान पर उंगली उठा रहे हैं। राहुल गांधी जिस परिवार से आते हैं, वह देश को जोड़ने में विश्वास रखता रहा है ना कि तोड़ने में। जो देश को तोड़ने वाली ताकतें हैं उन्हेंं ही राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति है। 

इस बयान पर है विवाद

बता दें कि वायनाड के दौरे पर गए राहुल गांधी ने तिरुवनंतपुरम में सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि पहले के 15 साल मैं उत्तर भारत से सांसद था। मुझे वहां दूसरी तरह की राजनीति का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि केरल आना मेरे लिए ताजगी भरा रहा, क्योंकि यहां के लोग मुद्दों की राजनीति करते हैं। 

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