बिहारः कन्हैया-जिग्नेश बोले, यह मोदी-शाह नहीं, अशफाक-बिस्मिल की जमीन, हार्दिक ने भी किया हमला

पटना पहुंचे जिग्नेश मेवाणी कन्हैया कुमार और हार्दिक पटेल ने कहा कि जिन्हें लगता है देश झूठों के हाथों में चला गया है वे कांग्रेस के साथ आएं। सिर्फ गुजरात या देश में हराने से बात नहीं बनेगी। बिहार में भी हराएंगे तभी बात मुकम्मल होगी।

Akshay PandeyFri, 22 Oct 2021 07:52 PM (IST)
कांग्रेस मुख्यालय में मदन मोहन झा, भक्त चरण दास, जिग्नेश मेवाणी, कन्हैया कुमार और हार्दिक पटेल।

राज्य ब्यूरो, पटना : हाल में कांग्रेस की सदस्यता लेने वाली युवा तिकड़ी हार्दिक, जिग्नेश और कन्हैया ने बिहार पहुंचते ही विरोधियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन नेताओं ने केंद्र और बिहार सरकार पर जोरदार हमला बोला। नेताओं ने कहा, जिन्हें लगता है देश झूठों के हाथों में चला गया है वे कांग्रेस के साथ आएं। सिर्फ गुजरात या देश में हराने से बात नहीं बनेगी। बिहार में भी हराएंगे तभी बात मुकम्मल होगी।  कन्हैया और जिग्नेश ने कहा कि यह मोदी-शाह नहीं, बल्कि अशफाक-बिस्मिल की जमीन है। हार्दिक पटेल ने मोदी-शाह पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें गुजरात ही नहीं, देश से भी भगाना होगा। 

बिहार के बिना देश का इतिहास अधूरा

सदाकत आश्रम में नेताओं से कन्हैया ने कहा कि बिहार तपस्या, चाणक्य और जैन मुनियों की भूमि है। यह भूमि परिश्रम की भी है। गांधी पोरबंदर में पैदा हुए, लेकिन बिहार ने उन्हें महात्मा बनाया। बिहार के बिना देश का इतिहास पूरा नहीं होता। बिहार को बिहार कांग्रेस ने बनाया। आज देश और बिहार की एकता को छिन्न-भिन्न किया जा रहा है। बिहार के इतिहास का पुनर्जागरण करना होगा। कन्हैया ने कहा, जिन्हें लगता है देश झूठों के हाथ में चला गया है वैसे लोगों को कांग्रेस के साथ आना चाहिए। 

गुजरात का विकास बिहारी श्रम का परिणाम

जिग्नेश मेवाणी ने कहा कि गुजरात में आज जो सड़कें माल व इमारतें बनी हैं वे बिहारी मजदूरों के श्रम का परिणाम हैं। गुजरात में यदि बिहारी श्रमिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी होती है तो हार्दिक और जिग्नेश उनके लिए सदा खड़े हैं। उन्होंने कहा कि आज देश के संविधान और लोकतंत्र के सामने चुनौती है इसे हम सबको मिलकर बचाना है। 

गुजरात-बिहार के साथ देश की सरकार भी बदला है

हार्दिक पटेल ने कहा कि आज वक्त आ गया है कि बिहार और दिल्ली में बैठी सरकार के सामने बुलंद तरीके से आवाज उठाई जाए। बिहार ने जब-जब आवाज उठाई है तब-तब दिल्ली का तख्त डांवाडोल हुआ है। बिहार का चुनाव 2025 में होना है, लेकिन इसके पहले देश का चुनाव होना है। उन्होंने नौजवानों और युवाओं का आह्वान किया कि वे आगे आए और गुजरात-बिहार के साथ देश की सरकार को भी बदल दें। कार्यक्रम को मदन मोहन झा, चंदन यादव अजीत शर्मा, अनिल शर्मा, शकील अहमद, प्रेमचंद मिश्रा, अमिता भूषण, राजेश राठौर समेत दूसरे कई नेताओं ने संबोधित किया। इससे पहले पटना एयरपोर्ट पहुंचने पर इन नेताओं का जोरदार स्वागत किया गया और रोड शो करते नेता सदाकत आश्रम पहुंचे। 

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