कॉलेजों को प्रदर्शन के आधार पर मिलेगा अनुदान

कॉलेजों को प्रदर्शन के आधार पर मिलेगा अनुदान
Publish Date:Sun, 20 Sep 2020 07:30 AM (IST) Author: Jagran

पटना। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूती देने में जुटी सरकार ने 225 डिग्री कॉलेजों को अनुदान देने के पुराने नियमों में अगले साल से बदलाव करने जा रही है। इसके तहत अब किसी भी कॉलेज को अनुदान के लिए पढ़ाई-लिखाई की गुणवत्ता (लìनग आउटकम) बढ़ाने के साथ ही बेहतर प्रदर्शन करना होगा। वहीं कॉलेजों की आधारभूत संरचना की जांच की जिम्मेदारी उच्च शिक्षा निदेशालय की होगी। इसके लिए कॉलेजों को आवेदन भी करना होगा। शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में विश्वविद्यालयों को निर्देश जारी किया गया है। योग्यता और व्यवस्था का होगा आकलन : अभी तक विश्वविद्यालय की टीम ही डिग्री कॉलेजों की तमाम जांच प्रक्रिया देखती थी। ऐसे में इस पूरी प्रक्रिया में मिलीभगत की शिकायतें भी मिलती थीं, जबकि पढ़ाई-लिखाई की गुणवत्ता को परखने की ओर ध्यान कम था। नए नियमों के तहत यूजीसी अब सिर्फ कॉलेजों के लर्निग आउटकम पर ही फोकस करेगी। इस दौरान शिक्षा विभाग की टीम शिक्षकों की योग्यता, उनके प्रशिक्षण, वेतन और प्रयोगशाला आदि का आकलन करेगी। साथ ही स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों की क्षमता को भी परखेंगे। यानी वे जिस कक्षा में पढ़ रहे हैं, उस स्तर का उनका ज्ञान और उनकी जानकारी है या नहीं। विद्यार्थियों के नामांकन और परीक्षा शुल्क में मनमानी वसूली पर भी नजर रखी जाएगी। जरूरत पड़ी तो ऐसे कॉलेजों की संबद्धता रद्द करने की भी कार्रवाई की जाएगी। तैयार हो रही नई गाइडलाइन : 2008 में सरकार ने विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम के आधार पर संबद्ध डिग्री कॉलेजों को अनुदान देने का प्रावधान किया था। इस प्रावधान के तहत कॉलेज संचालक विश्वविद्यालय अफसरों की मिलीभगत से मनमाने ढंग से परिणाम करा लेते थे और फिर उसके आधार पर 25 लाख रुपये तक अनुदान का दावा करते थे। अब शिक्षा विभाग द्वारा अनुदान के प्रावधान को लेकर नई गाइडलाइन बनाई जा रही। इसमें कॉलेजों की जांच अब शिक्षा विभाग के अधीन होगा। हर साल कॉलेजों के परिणाम और उसके आधार पर अनुदान पाने की दावेदारी से पूर्व उनकी आधारभूत संरचना की जांच कराई जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि कॉलेज को नामांकन के लिए कितनी सीटें मिली हैं और किस सत्र के लिए। शिक्षकों के मानक पर वे कॉलेज खरे उतर रहे या नहीं। जांच के बाद कॉलेज को उस सत्र के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना होगा।

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