CM नीतीश की दो टूक: बिहार में कायम रहेगा कानून का राज, बख्‍शे नहीं जाएंगे अपराधी

पटना [जेएनएन]। बिहार में अपराध की बढ़ती घटनाओं के बीच बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए हाइलेवल मीटिंग बुलाई। बैठक में मुख्‍यमंत्री ने कानून व्‍यवस्‍था व अपराध नियंत्रण के विविध पहलुओं पर विमर्श किया तथा अधिकारियों को आवश्‍यक निर्देश दिए। उन्‍होंने कहा कि कानून का राज हर हाल में कायम रहेगा और कानून तोड़ने वाले बख्‍शे नहीं जाएंगे।
मुख्‍यमंत्री ने की कानून व्‍यवस्‍था की समीक्षा
बैठक में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था में सुधार, पेशेवर अपराधियों की गतिविधियाें, पुलिस गश्‍ती, पुलिस प्रशिक्षण, सांप्रदायिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई, महिलाओं व छात्रावासों की सुरक्षा, साइबर क्राइम, आर्थिक अपराध, नक्सली गतिविधियों पर रोक, लूट, हत्या, अपराध, बलात्कार, रेल एवं बैंक डकैती, वाहन चोरी, वायरल वीडियो कांड, एससी-एसटी के विरुद्ध आपराधिक घटनाओं सहित अनेक मुद्दों पर समीक्षा की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्‍यक निर्देश दिए।
पुलिस पर हमला करने वालों पर करें सख्‍त कार्रवाई
मुख्‍यमंत्री ने बालू माफिया, भू माफिया और अन्य असामाजिक तत्वों द्वारा पुलिस पर किए जा रहे हमलों पर चिंता व्यक्त की। कहा कि ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त एवं त्वरित कार्रवाई की जाए।
अपराध की संख्‍या के साथ प्रकृति पर भी दें ध्‍यान
उन्होंने कहा कि नंबर ऑफ क्राइम के साथ ही नेचर ऑफ क्राइम का भी विश्‍लेषण करें। राष्‍ट्रीय स्‍तर पर जो नई तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है, उसे भी देखें। तय समय सीमा के अंदर फोरेंसिक जांच का काम पूरा होना चाहिए।
सांप्रदायिक घटनाओं पर दें ध्‍यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि साम्प्रदायिक तनाव की घटनाओं का विश्लेषण कीजिये। आखिर क्या कारण है कि जिन स्थानों पर पहले तनाव की घटनाएं हुआ करती थीं, वहां काफी कमी आई, जबकि नई जगहों पर इस तरह की घटनाएं हो रहीं हैं। जो संवेदनशील इलाके हैं, उनपर विशेष तौर पर निगरानी बनायें रखने की जरुरत है। ऐसी जगहों का डीएम और एसपी को विजिट कर शांति समिति के लोगों के साथ संवाद करना चाहिए।
दशहरा और मुहर्रम के त्योहार करीब हैं, जिसे देखते हुए अभी से ही क्षेत्रीय अधिकारियों को प्रेरित करें। मुख्य सचिव, प्रधान सचिव गृह और डीजीपी को सभी जिलाधिकारियों से इस संदर्भ में संवाद करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक घटनाओं का त्वरित ट्रायल कराकर दोषियों को सजा दिलाने की दिशा में तेजी से काम करने की आवश्यकता है। इससे कोई समझौता नहीं होना चाहिए चाहे वह कोई भी क्यों न हो।
भूमि विवाद से जुड़े मामलों का समाधान जरूरी
उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में जनता का दरबार कार्यक्रम के बाद वर्ष 2016 में लोक शिकायत निवारण अधिकार कानून लागू किया गया। यह देखा गया कि बिहार में 60 प्रतिशत से अधिक भूमि विवाद से जुड़े मामले हैं। इसका समाधान हर हाल में सुनिश्चित करना होगा।
इंटेलिजेंस कर्मियों को मिलेगा पुरस्‍कार
उन्होंने कहा कि इंटेलिजेंस के काम में लगे लोगों द्वारा सही जानकारी दिए जाने पर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा तो इससे अन्य लोग भी प्रेरित होंगे और अच्छा काम करेंगे। कहा कि तकनीक का दुरूपयोग कर वाहनों के फर्जी कागजात बनाने वाले रैकेटियर को चिन्हित कर उनपर पुलिस प्रशासन सख्त कार्रवाई करे।   
थानों में करें रिवॉलविंग फंड की व्यवस्था
उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में बिहार में तीन तरह के थाने चिन्हित कर प्रत्येक में रिवॉलविंग फंड की व्यवस्था की गयी थी। यह हर हाल में उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि समय पर जरुरत की चीजों को खरीदा जा सके।
पुलिस अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि थाने से लेकर आइजी कार्यालय तक कितने वाहनों की आवश्यकता है, इसे तत्काल चिन्हित कर इस दिशा में कार्रवाई करें।
लागू करें कानून व्‍यवस्‍था व अनुसंधान को अलग करने का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्‍यवस्‍था और अनुसंधान को अलग करने का प्रावधान अविलंब लागू किया जाय। राज्य सरकार का यह संवैधानिक दायित्व है कि वह कानून व्‍यवस्‍था को दुरुस्त रखे।
वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग से भी जुड़े थे अधिकारी
बैठक में सभी प्रमंडलीय आयुक्त, डीआइजी, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक भी विडियो काॅन्फ्रेंसिंग से जुड़े हुये थे।
मुख्‍य सचिव ने कही ये बात
बैठक में मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कहा कि थानों में सुविधाएं बढ़ाई जाएं। ऑनलाइन प्रविष्टियां करने की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु थाने में एक थाना मैनेजर हो। किसी भी पीड़ित व्यक्ति को दूसरे थाने का मामला बताकर लौटाने की बजाय मामला दर्ज कर उसे संबंधित थाने मे रेफर करने की व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए।

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