बिहार पुलिस में नौकरी का झांसा दे आठ लाख की ठगी, पूर्व एएसआइ और उसके बेटे पर आरोप

सिपाही की नौकरी का झांसा देकर दो युवकों से आठ लाख रुपये की ठगी का मामला प्रकाश में आया है। बिहार पुलिस के सेवानिवृत एएसआइ और उसके बेटे पर ठगी का आरोप है। आरोपितों ने पीड़ितों को महकमे में ऊंची पहुंच की बात कही थी।

Akshay PandeyMon, 06 Dec 2021 05:43 PM (IST)
सिपाही के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का मामला सामने आया है। सांकेतिक तस्वीर।

जागरण संवाददाता, पटना : बिहार पुलिस में सिपाही की नौकरी का झांसा देकर दो युवकों से आठ लाख रुपये की ठगी का मामला प्रकाश में आया है। बिहार पुलिस के सेवानिवृत एएसआइ और उसके बेटे पर ठगी का आरोप है। आरोपितों ने पीड़ितों को महकमे में ऊंची पहुंच की बात कही थी। बाद में रिश्वत के दम पर नौकरी का झांसा देकर पिता व पुत्र ने युवकों से रुपये ले लिए थे। रुपये देने के बाद भी नौकरी नहीं हुई तो पीड़ितों ने रुपये वापस मांगे। नहीं देने पर उन्होंने पूर्व पुलिसकर्मी मुमताज और उसके बेटे एजाज खान उर्फ खुर्शीद आलम की शिकायत एसके पुरी थाने में की। एसकेपुरी थाना प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि पुलिस ने ठगी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

मूल रूप से गोपालगंज के बैकुंठपुर निवासी राजा कुमार कुशवाहा राजापुर पुल इलाके में किराए के मकान में रह कर सिपाही भर्ती की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने वर्ष 2019 में निकली सिपाही भर्ती का आवेदन भरा था। इसी दौरान उनकी मुलाकात एजाज खान से हुई थी। उसने खुद को पुलिस अधिकारी बता युवक को अपने प्रभाव में ले लिया था। आरोपित ने पीडि़त को बताया कि यदि वह उसके मार्गदर्शन में रहकर तैयारी करेगा तो पुलिस में भर्ती होने से उसे कोई नहीं रोक सकता। एजाज खान ने बताया कि उसके पिता मुमताज खान बिहार पुलिस में तैनात थे। उनकी पुलिस अधिकारियों में अच्छी पैठ है। आरोपित के झांसे में आकर राज कुमार एजाज खान के कथनानुसार काम करने लगा। आरोप है कि सिपाही भर्ती परीक्षा के वक्त एजाज खान ने पीड़ित को अपने पिता मुमताज खान से मिलवाया था। 

नौकरी के लिए पांच लाख रुपये देना हुआ था तय 

मुमताज ने युवक से कहा कि बगैर रिश्वत दिए उनकी भर्ती नहीं हो सकती। उसके बाद उनके बीच पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। राज कुमार के कहने पर उसका साथी मुन्ना राम भी सिपाही की नौकरी के लिए पांच लाख रुपये देने को तैयार हो गया। बाद में दोनों ने तीन-तीन लाख रुपये आरोपितों के खाते में स्थानांतरित कर दिए, जबकि दो लाख रुपये नकद दिए। बकाया रुपये नौकरी देने के बाद देना तय हुआ था, लेकिन जब सिपाही भर्ती की परिणाम निकाला तो उसमें पीड़ितों के नाम नहीं थे। लिहाजा, दोनों जब मुमताज खान के पास पैसा वापस मांगने गए तो उसने युवकों को डांटकर भगा दिया। 

पीड़ित को मिल रही जेल भिजवाने की धमकी 

पीड़ित राज कुमार के मुताबिक, 30 नवंबर को पुलिस लाइन के समीप आरोपित पूर्व पुलिसकर्मी के बेटे एजाज खान को होंडा सिटी कार से जाते देखा। रुपये के लिए वह आरोपित के पीछे भागे तो वह अपनी कार सड़क पर छोड़कर पुलिस लाइन के अंदर चला गया। काफी इंतजार के बाद वापस नहीं आया तो पीड़ित की सूचना पर बुद्धा कालोनी थाना पुलिस एजाज की कार और उसमें रखा मोबाइल फोन जब्त कर लिया। बताया जाता है कि पुलिस की गिरफ्तारी के डर से आरोपित बिहार से बाहर रह रहा है। पीडि़तों ने पुलिस को बताया कि अब एजाज के पिता उन्हें उलटा जेल भिजवाने की धमकी दे रहे हैं।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.