बगैर अनुमति कोरोना की जांच करने वालों पर कसेगा शिकंजा, केंद्रीय मंत्री बोले- इनकी रिपोर्ट संदिग्‍ध

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य राज्‍य मंत्री अश्‍व‍िनी चौबे। फाइल फोटो

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य राज्‍य मंत्री अश्‍व‍िनी चौबे ने अधिकारियों को कहा- अनाधिकृत रूप से एंटीजन टेस्ट करने वालों पर करें कार्रवाई बिहार में रेमडेसिविर की किल्‍लत पर भी बोले हाजीपुर रेल जोन के जीएम से की बात रेलवे अस्पताल में कोरोना की स्थिति से अवगत हुए

Shubh Narayan PathakMon, 19 Apr 2021 11:02 AM (IST)

पटना, राज्य ब्यूरो। Bihar Coronavirus Update News: बिहार में कोरोना संक्रमण के बीच कुछ लोग अपना धंधा चमकाने में लग गए हैं। बिहार की सरकार ने सरकारी और निजी अस्‍पतालों में कोरोना की जांच कराने की व्‍यवस्‍था की है। सरकारी अस्‍पतालों में कोरोना की एंटीजेन और आरटी-पीसीआर विध‍ि से जांच हो रही है। दोनों ही तरह की जांच सरकारी अस्‍पतालों में मुफ्त है। न‍िजी अस्‍पतालों को निर्धारित दर के अनुसार शुल्‍क लेने की छूट है। इसका फायदा लेने के लिए कुछ निजी अस्‍पताल बगैर सरकार की अनुमति के ही कोरोना की जांच कर रहे हैं। अब केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने अनाधिकृत रूप से एंटीजन टेस्ट कर रहे एजेंसियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

गैर अधिकृत अस्‍पतालों और जांच घरों की रिपोर्ट मान्‍य नहीं

बिहार सहित अन्य राज्यों से अनाधिकृत रूप से एंटीजन टेस्ट करने की शिकायत लगातार मिल रही थी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जो अधिकृत नहीं हैं, उनके बारे में राज्यों को सूचित करें। एंटीजन टेस्ट के नाम पर लोगों से मनचाही वसूली की जा रही है। समय पर रिपोर्ट नहीं दी जाती। इस वजह से उन्हें आगे इलाज कराने में काफी विलंब हो जाता है। ऐसे में कुछ लोगों की मृत्यु भी हो चुकी है। रिपोर्ट भी अविश्वसनीय होती है, जिसके चलते अस्पताल में दोबारा टेस्ट किया जाता है। इसमें विलंब हो जाता है, जिससे पीड़‍ित को काफी परेशानी होती है।

रेमडेसिविर की उपलब्‍धता के लिए दिया निर्देश

केंद्रीय मंत्री ने जनता से भी अपील की है कि अधिकृत लैब से ही जांच करवाएं, ताकि इलाज में परेशानी ना हो। उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर जांच की व्यापक बंदोबस्त है। जो जांच करने घर पर आ रहे, उनकी प्रमाणिकता भी देखें। चौबे ने हाजीपुर रेल जोन के जीएम से भी बातचीत की। दानापुर रेलवे अस्पताल सहित जोन की विभिन्न जगहों पर अस्पतालों में उपचार की जानकारी ली। उन्होंने ड्रग कंट्रोल ऑफ इंडिया को निर्देशित किया कि रेलवे अस्पतालों में रेमडेसीविर उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए।

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