बिहारः राजद सुप्रीमो लालू यादव के साथ फोटो ट्वीट कर बेटी रोहिणी बोलीं- कौन सा धर्म अपनाएं हम...

राजद सुप्रीमो लालू यादव के साथ बेटी रोहिणी। साभारः ट्विटर।

Bihar Politics News रोहिणी ने राजद सुप्रीमो व पिता लालू यादव के साथ माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर एक तस्वीर पोस्ट की है। लालू यादव के साथ फोटो ट्वीट कर रोहिणी ने लिखा है- उस पापा की बेटी हूं मानवता का पाठ पढ़ाया जिसने।

Akshay PandeyWed, 05 May 2021 01:04 PM (IST)

ऑनलाइन डेस्क, पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) परिवार में इंटरनेट मीडिया पर अगर कोई सबसे ज्यादा एक्टिव है तो वो हैं लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्या। पार्टी और परिवार पर कमेंट आया नहीं कि रोहिणी शब्दों को हथियार बनाकर आगे आ जाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों या बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, रोहिणी हर किसी पर कटाक्ष करती हैं। बुधवार को रोहिणी ने राजद सुप्रीमो लालू यादव के साथ माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर एक तस्वीर पोस्ट की है। इसमें इशारों-इशारों में उन्होंने विरोधियों पर तंज कसा है। 

 

उस पापा की बिटिया हैं, मानवता का पाठ पढ़ाया जिसने

रोहिणी ने की ट्विटर पर साझा की गई तस्वीर में लालू यादव कुर्सी पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। रोहिणी ने फोटो शेयर करते हुए लिखा, कौन सा धर्म अपनाएं हम...। मंदिर मस्जिद गुरुद्वारे चर्च जाकर...। क्या हिंदुस्तानी नहीं कहलाए हम...। एक ही धर्म की कट्टरता में, क्या भूल जाए मानवता को हम...। सुन लो धर्म के ठेकेदारों, हमें धर्म का ना पाठ पढ़ाना...। मानवता को हम मानने वाले...। हम उस पापा की बिटिया हैं, हम उस पापा की बिटिया हैं, मानवता का पाठ पढ़ाया जिसने।आदर्शों पर चलना हमें सिखलाया जिसने। अंत में रोहिणी ने लिखा कि हिंदुस्तानी हैं हम...हिंदुस्तानी ही बनकर हम रहने वाले।

किसके लिए किया ट्वीट? ये साफ नहीं

बता दें कि कुछ दिनों से बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्या लगातार विपक्षियों पर हमलावर हैं। लालू-राबड़ी से लेकर तेजस्वी-तेजप्रताप पर हुई राजनीतिक बयानबाजी का जवाब वे खुद देती हैं। हालांकि यह ट्वीट किसके लिए किया गया है ये रोहिणी ने साफ नहीं किया है मगर मो. शहाबुद्दीन की मौत के बाद लगातार लालू परिवार पर हमले किए जा रहे हैं। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा तो यहां तक कह चुका है कि लालू केवल धर्म की राजनीति करते हैं। अगर किसी यादव की मौत होती तो लालू परिवार दिल्ली जाता पर शहाबुद्दीन तो मुस्लिम थे। 

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