पारिवारिक विवाद में भाई ने चाकू गोदकर की भाई की हत्या, बक्सर कोर्ट 29 नवंबर को सुनाएगी सजा

पारिवारिक विवाद को लेकर बक्सर में भाई ने भाई की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। गुरुवार को व्यवहार न्यायालय के एडीजे आठ की अदालत में हत्या मामले की सुनवाई की गई। कोर्ट ने मुन्ना यादव व रामजी उर्फ छोटक यादव के विरुद्ध आरोप सिद्ध पाया।

Rahul KumarThu, 25 Nov 2021 05:45 PM (IST)
बक्सर कोर्ट ने हत्या मामले को भाई को दोषी करार दिया है। सांकेतिक तस्वीर

बक्सर, जागरण संवाददाता।  व्यवहार न्यायालय के एडीजे आठ की अदालत में गुरुवार को हत्या मामले की सुनवाई की गई। न्यायाधीश आशुतोष कुमार सिंह  ने मुन्ना यादव व रामजी उर्फ छोटक यादव के विरुद्ध आरोप सिद्ध पाया। इसके बाद उन्होंने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। वे दोनों ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के रामगढ़ डेरा के निवासी हैं। घटना 19 जुलाई 2016 को पूर्वाह्न नौ बजे घटी थी। पारिवारिक विवाद को लेकर भाई ने भाई की चाकू से हत्या कर दी थी।

भाई ने की भाई की हत्या

इस मामले में अब सजा के बिंदुओं पर 29 नवंबर को सुनवाई होगी। इस संबंध में अपर लोक अभियोजक त्रिलोकी मोहन ने बताया की, घटना की सूचक लीलावती देवी ने छह लोगों के विरुद्ध ब्रह्मपुत्र थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया कि मुन्ना और रामजी यादव ने मिलकर मेरे पति कृष्णा यादव की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना में बचाव करने पहुंचे ससुर दीनानाथ यादव और देवर सुनील यादव बुरी तरह जख्मी हो गए। उनका रघुनाथपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार चला। बाद में वे लोग स्वस्थ हो गए। उन्होंने बताया की, आज दो लोगों के विरुद्ध आरोप सिद्ध हुआ है। चार की फाइल स्प्लिटअप करके अलग कर दी गई है उनकी सुनवाई कोर्ट में चल रही है। घटना पारिवारिक विवाद में घटी थी। कृष्णा, राम जी और अन्य लोग आपस में भाई हैं। द्वेष की वजह से भाई ने ही भाई की हत्या कर दी। 

हत्या के मामले में पूर्व विधायक पर वारंट जारी 

जासं, छपरा : मशरक के पूर्व विधायक तारकेश्वर सिंह के विरूण एडीजे तीन ने वर्ष 1996 हत्या के एक मामले में गैर जमानतीय वारंट जारी किया है। इस संबंध में व्यवहार न्यायालय के एपीपी ध्रुव कुमार ने बताया कि पूर्व विधायक पर एक कार्यकर्ता की हत्या कर शव को गंडक नदी में फेंकने का मामला पानापुर थाना कांड संख्या 9/96 के तहत दर्ज कराया गया था।

इस मामले में पूर्व विधायक जमानत पर हैं। विशेष एमपी एमएलए न्यायालय के कई आग्रह के बाद भी विधायक उपस्थित नहीं हुए। उसके कारण यह मामला कई वर्षों से लटका हुआ है। कोर्ट के बार बार आगरा के बाद भी पूर्व विधायक का पक्ष नहीं रखे जाने से कोर्ट ने कड़ा एक्शन लिया है और पूर्व विधायक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए उनकी गिरफ्तारी को लेकर आदेश दिया हैं। 

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