बीपीएससी मुख्य परीक्षा के प्रश्न पर विवाद, बुजुर्ग और शैतान युवा में उलझे अभ्यर्थी

BPSC 66th main exam 66वीं बीपीएससी मुख्य परीक्षा के शुक्रवार को सामान्य अध्ययन-2 की परीक्षा में राष्ट्रपति को बुजुर्ग बताते हुए एक प्रश्न पूछा गया। जानकारों ने बीपीएससी के प्रश्न चयन को गलत करार दिया है। जानें क्या है विवाद।

Akshay PandeySat, 31 Jul 2021 09:27 PM (IST)
बीपीएससी परीक्षा में पूछे गए एक सवाल को लेकर फिर विवादों में आ गया है। प्रतीकात्मक तस्वीर।

नलिनी रंजन, पटना : बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) एक बार फिर संविधानिक पद पर बैठे महत्वपूर्ण व्यक्ति पर प्रश्न बना कर विवाद में आ गया है। 66वीं बीपीएससी मुख्य परीक्षा के शुक्रवार को सामान्य अध्ययन-2 की परीक्षा में राष्ट्रपति को बुजुर्ग बताते हुए एक प्रश्न पूछा गया। जानकारों ने बीपीएससी के प्रश्न चयन को गलत करार दिया है। बीपीएससी की ओर से सामान्य अध्ययन पेपर टू के प्रश्न पूछा- 'भारत के राष्ट्रपति की भूमिका परिवार के उस बुजुर्ग के समान है जो सभी प्राधिकार रखता है किन्तु यदि घर के शैतान-युवा सदस्य उसकी न सुनें तो वह कुछ भी प्रभावी नहीं कर सकता है।' मूल्यांकन कीजिए। इस प्रश्न में अभ्यर्थी बुजुर्ग और शैतान-युवा सदस्य की व्याख्या में भी उलझे रहे। इस बाबत बीपीएससी के संयुक्त सचिव सह परीक्षा नियंत्रक अमरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रश्न को अभी नहीं देखे हैं। प्रश्न देखने के बाद ही कुछ टिप्पणी कर सकते हैं।

इससे पहले भी वर्ष 2019 के जुलाई में आयोजित बीपीएससी की 64वीं मुख्य परीक्षा में भी बिहार के राज्यपाल को कठपुतली बताते हुए एक प्रश्न पूछा गया था। प्रश्न था- 'भारत में राज्य की राज्य की राजनीति में राज्यपाल की भूमिका का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए, विशेष रूप से बिहार के संदर्भ में, क्या वह केवल एक कठपुतली है?' मामले को लेकर विधानसभा में भी हंगामा हुआ था। बीपीएससी के अधिकारी राज्यपाल से आगे ऐसी पुनरावृत्ति नहीं हो, इसके लिए खेद भी जताए थे। 

राष्ट्रपति को लेकर यह प्रश्न पूरी तरह गलत

पटना विवि के पूर्व कुलपति प्रो. रास बिहारी सिंह ने कहा कि भारत के राष्ट्रपति को लेकर यह प्रश्न पूरी तरह गलत है। संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्ति को लेकर किसी तरह के विवादित प्रश्न पूछना सही नहीं है। राष्ट्रपति के पास पर्याप्त शक्ति है, कई उदाहरणों से साबित हो चुका है।

शैतान शब्द का उपयोग नहीं करना चाहिए

बीपीएससी के पूर्व सदस्य व पटना विवि के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष प्रो. शिव जतन ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रपति के ऊपर इस तरह के प्रश्न बनाना सही नहीं है। किसी भी व्यक्ति को शैतान शब्द का उपयोग नहीं करना चाहिए। शब्द का चयन नहीं है। बीपीएससी को इस तरह के प्रश्नों से बचना चाहिए। राष्ट्रपति की एक गरिमा है। विश्व भर में इसका गलत संदेश जाएगा।

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