रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाला शातिर शशि छह माह बाद गिरफ्तार

-70 हजार रुपये में बेच रहा था एक इंजेक्शन मास्टरमाइंड की तलाश में दिल्ली में दबिश -3 शातिर पकड़े गए थे मई में ईओयू ग्राहक बनकर किया था गिरोह का भंडाफोड़ ---------- जागरण संवाददाता पटना

JagranThu, 28 Oct 2021 08:21 PM (IST)
रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाला शातिर शशि छह माह बाद गिरफ्तार

पटना । कोरोना की दूसरी लहर में एक तरफ जीवन को बचाने की जद्दोजहद हो रही थी तो दूसरी ओर आपदा को अवसर बना गिरोह रेमडेसिविर इंजेक्शन का गोरखधंधा करने में जुटा था। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की टीम ने बीते आठ मई को एक ऐसे ही गिरोह का भंडाफोड़ कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में मुख्य आरोपित मनीष और शशि यादव का नाम उजागर हुआ था। ईओयू मनीष और शशि के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी।

गुरुवार को ईओयू की विशेष टीम ने मुख्य आरोपित शशि यादव को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद ईओयू की टीम मुख्य आरोपित मनीष की तलाश में दिल्ली में दबिश दे रही है। एडीजी ईओयू नैयर हसनैन खान ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि यह छिपकर रहा था। एक अन्य की तलाश में छापेमारी की जा रही है।

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मुख्य आरोपित के खिलाफ कुर्की

के लिए अर्जी देगी ईओयू

ईओयू की टीम ग्राहक बनकर कंकड़बाग से इंजेक्शन बेचने वाले गिरोह के चांदमारी रोड नंबर आठ निवासी अमित कुमार, अशोक नगर रोड नंबर एक सी निवासी नीतिश कुमार और भास्कर पाठक को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता चला था कि नीतिश कुमार एक फार्मा का सेल आफिसर था, भास्कर एक निजी कंपनी में एचआर का काम करता था। तीनों ने बताया था कि खुद को मीडियाकर्मी बताने वाला शशि यादव ही उन्हें इंजेक्शन उपलब्ध कराता था। शशि का संपर्क कंकड़बाग में संचालित एक अन्य निजी अस्पताल के मनीष से है। ईआयू इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। मनीष फरार है। मनीष के खिलाफ वारंट लिया गया था। अब उसके खिलाफ कुर्की जब्ती के लिए आवेदन दिया जाएगा।

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70 हजार रुपये में बेच

रहे थे एक इंजेक्शन

ईओयू टीम ग्राहक बनकर इंजेक्शन दिलाने की मांग की थी। दलाल ने एक इंजेक्शन के बदले 70 हजार रुपये की डिमांड की थी। 50 हजार रुपये पर बात बनी। फिर दलाल से दो इंजेक्शन की मांग हुई और शाम के चार बजे दो बाइक पर सवार तीनों दलाल कंकड़बाग पहुंच गए थे। तीनों ने बाइक की डिक्की से दोनों इंजेक्शन निकालकर ईओयू को दिखाया, टीम ने तीनों को वहीं दबोच लिया। पूछताछ में यह बातें सामने आई कि थी कि यह गिरोह दो दर्जन से अधिक लोगों को इंजेक्शन बेच चुका है।

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