Bihar Politics: जदयू के लिए प्रतिष्‍ठा का विषय है कुशेश्‍वरस्‍थान व तारापुर सीटें, राजद ने भी ठोका दावा

दो सीटों पर विधानसभा उपचुनाव (By-Election on Two Seats) की घोषणा से पहले ही बिहार में इसको लेकर रणनीति तेज है। कुशेश्‍वरस्‍थान (सुरक्षित) और तारापुर विधानसभा सीट पर 30 अक्‍टूबर को मतदान होगा। ये सीटें जदयू के लिए प्रतिष्‍ठा का विषय है।

Vyas ChandraTue, 28 Sep 2021 11:08 AM (IST)
मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव। फाइल फोटो

पटना, आनलाइन डेस्‍क। दो सीटों पर विधानसभा उपचुनाव (By-Election on Two Seats) की घोषणा से पहले ही बिहार में इसको लेकर रणनीति तेज है। कुशेश्‍वरस्‍थान (सुरक्षित) और तारापुर विधानसभा सीटें जदयू जीतता आ रहा है। कुशेश्‍वरस्‍थान सीट के अस्तित्‍व में आने के बाद से शशिभूषण हजारी (Shashi Bhushan Hazari) इस सीट पर विजयी होते रहे। पहली बार भाजपा के विधायक बने बाद में वे जदयू में शामिल होकर विधायक चुने जाते रहे।  इधर तारापुर सीट पर डा. मेवालाल चौधरी विधायक बने। इससे पहले उनकी पत्‍नी नीता चौधरी विधायक थीं। इधर राजद नेता और बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने भी दोनों सीटों पर दावा ठोक दिया है। ऐसे में जदयू के लिए दोनों सीटें बचाने की चुनौती होगी। वहीं राजद इस किले में सेंधमारी का पूरा प्रयास करेगा।

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लगातार तीन बार विधायक चुने गए शशिभूषण हजारी 

बता दें कि कुशेश्‍वरस्‍थान पहले सिंघिया विधानसभा सीट का हिस्‍सा था। वहां से कांग्रेस के डा. अशोक कुमार विधायक चुने जाते रहे। परिसीमन के बाद 2010 में अस्तित्‍व में आए कुशेश्‍वरस्‍थान में भी उन्‍होंने भाग्‍य आजमाया। लेकिन उन्‍हें सफलता नहीं मिली। सन 2020 के चुनाव में डा. अशोक कुमार करीब सात हजार मतों से चुनाव हार गए थे। ऐसे में जदयू इस सीट को पहले से अपनी झोली में मान रहा है। लेकिन पिछले दिनों कार्यकर्ताओं की बैठक में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कुशेश्‍वरस्‍थान और तारापुर सीटों पर राजद के प्रत्‍याशी चुनाव लड़ेंगे। उन्‍होंने यहां से जीत का दावा भी किया। 

तारापुर सीट पर राजद का भी रहा है दबदबा 

उधर तारापुर विधानसभा सीट की बात करें तो इसपर शकुनी चौधरी ने 2000 राष्‍ट्रीय जनता दल के उम्‍मीदवार के रूप लालटेन की रोशनी तेज की। हालांकि वे पहले भी यहां से विधायक रह चुके थे। लेकिन राजद को पहली बार जीत मिली थी। इसके बाद 2005 के दोनों चुनावों में उन्‍होंने राजद का पताका लहराया। लेकिन 2010 में जदयू की नीता चौधरी ने उन्‍हें पराजित कर दिया। इसके बाद 2015 में उनके पति मेवालाल चौधरी ने जदयू उम्‍मीदवार के रूप में जीत हासिल की। फिर 2020 के चुनाव में भी उन्‍होंने तीर निशाने पर लगाने में सफलता हासिल की। इस चुनाव में राजद के प्रत्‍याशी दूसरे स्‍थान पर थे। राजद के दिव्‍य प्रकाश करीब 11 हजार मतों के अंतर से चुनाव हारे थे।    

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